What is Laser Attack: युद्ध सदियों से होते आए हैं और बदलते जमाने के साथ युद्ध की तकनीक (Warfare Techniques) में भी समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं, अब विमानों को लेजर से निशाना बनाया जा रहा है, लेजर अटैक की टेक्निक काफी घातक और सटीक मानी जाती है, जानें क्या है ये तकनीक और कैसे इसका इस्तेमाल किया जाता है...
ताजा घटनाक्रम की बात करें तो हाल ही में चीन ने अदन की खाड़ी से लाल सागर के ऊपर उड़ रहे जर्मनी के नागरिक विमान को लेजर बीम से निशाना बनाया। जर्मनी, चीन की इस हरकत से बेहद खफा है और उसने अपना विरोध भी दर्ज कराया है।
जर्मनी का कहना है कि उसके एक नागरिक विमान को पता लगा कि उसे समंदर में एक लेजर बीम लेजर बीम (Laser Beam) से निशाना बनाया गया है, बताते हैं कि मामले की पड़ताल हुई तो इसमें पता चला कि अदन की खाड़ी से चीनी युद्धपोत ने विमान पर लेजर गाइडेड बीम से निशाना साधा, चीन की इस हरकत ने अब दुनिया भर में लेजर वारफेयर को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है।
क्या होता है लेजर अटैक (What is Laser Attack)
यह एक ऐसा हमला होता है जिसमें लेजर किरण (Laser Beam) को फोकस करके किसी टारगेट पर छोड़ा जाता है, यह गर्मी पैदा करके धातु को पिघला सकती है या उपकरण जला सकता है वहीं बताते हैं कि कई दफा इसका मकसद सिर्फ अंधा करना या सेंसर फेल करना भी हो सकता है।

लेजर हमला कैसे किया जाता है
लेजर अटैक के मुख्य प्रकार (Types of Laser Attacks)-
| लेजर अटैक के प्रकार | टॉरगेट | क्या होता है इसका असर |
| हाई पावर लेजर अटैक | मिसाइल, ड्रोन, टैंक | उसे पिघला या जला देना भी इसका असर है |
| ब्लाइंडिंग लेजर अटैक | सैनिक की आंखें, कैमरा, सेंसर | अंधा कर देना या उपकरण को फेल करना | सैटेलाइट लेजर अटैक | दुश्मन का सैटेलाइट | संचार बाधित करना या सैटेलाइट को अस्थायी रूप से बेकार करना
पारंपरिक हथियारों से होता है अलग
लेजर अटैक पारंपरिक हथियारों से अलग होता है, क्योंकि इसमें कोई गोली या विस्फोटक नहीं होता बस तेज और केंद्रित रोशनी होती है, यह एक ऐसा हमला होता है जिसमें लेजर किरण का उपयोग करके किसी टारगेट (जैसे विमान,ड्रोन, उपग्रह) आदि को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

लेजर अटैक पारंपरिक हथियारों से अलग
लेजर हमला (Laser Attack) कैसे किया जाता है?
यह एक तकनीकी और सटीक प्रक्रिया होती है जिसमें उच्च-ऊर्जा लेजर बीम का उपयोग करके टारगेट (जैसे ड्रोन, विमान, सैटेलाइट या इंसान की आंखें) को सीधे ऊर्जा से नुकसान पहुंचाया जाता है इसके लिए पहले Target का चयन करके रडार, कैमरा या सेंसर की मदद से टारगेट को पहचाना जाता है। लेजर डिवाइस को टारगेट की दिशा में एलाइन किया जाता है और सटीक निशानेबाजी के लिए कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल होता है फिर मशीन से हाई-पावर लेजर बीम छोड़ी जाती है, जो प्रकाश की गति से जाती है। यह बीम नॉन-स्टॉप एनर्जी देती है, जिसके परिणास्वरूप धातु गरम होकर पिघल जाती है या कैमरा या फिर आंखें अंधी हो जाती हैं बता दें कि यह लक्ष्य (Target) ड्रोन, मिसाइल, टैंक, सैटेलाइट या कोई शख्स भी हो सकता है।
लेजर अटैक की Accuracy कितनी ?
लेजर हमला बेहद उच्च-सटीक होता है, और यह इसकी सबसे बड़ी ताकत है, लेजर किरण प्रकाश की गति से चलती है और मिलीमीटर स्तर पर निशाना साध सकती है, लेजर बीम बहुत पतली और केंद्रित होती है, इसकी सटीकता अत्यधिक होती है वहीं धुंध, धूल, बारिश इसकी सटीकता को थोड़ा कम कर सकती है, कुल मिलाकर ये बेहद घातक तकनीक है।
युद्ध में लेजर अटैक के मुख्य उपयोग (Main uses of Laser Attack in War)
युद्ध में लेजर अटैक के कई कार्य हैं जैसे- ड्रोन और मिसाइल को मार गिराना, हाई-पावर लेजर से उड़ते हुए ड्रोन, रॉकेट, और मिसाइल को हवा में ही जला दिया जाता है एक और अहम कार्य है कि लेजर बीम से दुश्मन के सैटेलाइट या स्पाई सेटेलाइट को ब्लाइंड (Blind) या नष्ट कर दिया जाता है वहीं किसी टैंक, रडार या लड़ाकू विमान के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को लेजर से गर्म करके फेल कर दिया जाता है वहीं नाइट विजन जैसे ऑप्टिकल डिवाइस को लेजर से अंधा किया जाता है।
