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एलन मस्क ने तो राजनीति में एंट्री का ऐलान कर दिया, लेकिन US में राजनीतिक पार्टी बनाना नहीं है आसान, सामने हैं चुनौतियां ही चुनौतियां

एलन मस्क दोस्त डोनाल्ड ट्रंप से खफा होकर राजनीति में उतरे हैं। मस्क और ट्रंप के बीच पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक तौर पर वार पलटवार देखने को मिल रहा था, जिसके बाद अब मस्क अमेरिका पार्टी बनाने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन मस्क का राजनीतिक सफर आसान नहीं रहने वाला है। डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियां को चुनौती देना आसान नहीं है।

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एलन मस्क की राजनीति में एंट्री

कहते हैं कि सत्ता का पावर ही कुछ ऐसा होता है कि खास से खास नाराज हो जाते हैं, छोड़ कर चले जाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और मस्क भी इसी रास्ते पर हैं। पहले कार्यकाल के बाद डोनाल्ड ट्रंप की जिस तरह से व्हाइट हाउस से विदाई हुई थी, उससे कोई कह नहीं सकता था कि ट्रंप कभी दोबारा राष्ट्रपति चुनाव में खड़े होंगे, लेकिन ट्रंप न सिर्फ खड़े हुए, बल्कि जीते भी, राष्ट्रपति भी बने। ट्रंप को दोबारा सत्ता में लाने में दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क का बड़ा हाथ है। ट्रंप और मस्क की दोस्ती ऐसी रही कि मस्क ने फंड जुटाने से लेकर चुनावी प्रचार तक में अहम भूमिका निभाई। ट्रंप के साथ हर कदम पर खड़े रहे। बाइडन सरकार की नाराजगी को झेला। अब जब ट्रंप सत्ता में आ चुके हैं, उसके कुछ ही महीनों में एलन मस्क न सिर्फ व्हाइट हाउस से बाहर हो चुके है, बल्कि खुलेआम ट्रंप के साथ दुश्मनी का ऐलान भी कर दिया है। राजनीति में एंट्री की घोषणा भी कर दी है।

मस्क ने राजनीति में क्यों ली एंट्री

एलन मस्क ने राजनीति में एंट्री की घोषणा ट्रंप से नाराज होकर की है, ये तो स्पष्ट है। जब ट्रंप राष्ट्रपति बने तो मस्क भी पावरफुल हुए, मस्क के कई कार्यों से व्हाइट हाउस और ट्रंप के मंत्री भी असहज दिख रहे थे। बाद में ट्रंप ने 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल' लाने की घोषणा कर दी, जिससे ट्रंप नाराज हो गए, उन्होंने इस बिल को रोकने की कोशिश की और जब सफलता नहीं मिली तो व्हाइट हाउस से निकल गए। ट्रंप पर तीखे हमले करने लगे, ट्रंप भी धमकी देने लगे। इसके बाद जब यह बिल कानून बना तब मस्क ने पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया। मस्क ने पहली बार पार्टी बनाने की संभावना ट्रंप के साथ अपने सार्वजनिक विवाद के दौरान उठाई थी। इसके बाद उन्होंने सरकारी दक्षता विभाग का अपना जिम्मा छोड़ दिया था। ट्रंप और मस्क के बीच सोशल मीडिया पर काफी तकरार देखने को मिली थी। इसी तनातनी के बीच मस्क ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया जिसमें उपयोगकर्ताओं से पूछा गया कि क्या अमेरिका में एक नयी राजनीतिक पार्टी होनी चाहिए जिसमें लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया था।

मस्क की पार्टी का क्या नाम

टेस्ला के सीईओ मस्क ने एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान कर दिया है। मस्क ने इसे 'अमेरिका पार्टी' का नाम दिया है, जिसका उद्देश्य देश के 'वन-पार्टी सिस्टम' को खत्म करना है। टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ ने शनिवार को 'एक्स' के जरिए यह घोषणा की है। अपने संदेश में, मस्क ने दोनों प्रमुख दलों पर अनियंत्रित सरकारी खर्च और भ्रष्टाचार में योगदान देने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, देश अब लोकतंत्र के रूप में नहीं, बल्कि बर्बादी और स्वार्थ से संचालित एक एकीकृत राजनीतिक मशीन के रूप में काम करता है। मस्क ने लिखा, "अमेरिका द्विदलीय बर्बादी और भ्रष्टाचार से दिवालिया हो रहा है। यह लोकतंत्र नहीं है। यह छद्म रूप से वन-पार्टी सिस्टम है। अमेरिका पार्टी आपको आपकी स्वतंत्रता वापस दिलाने के लिए बनाई गई है।"

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मस्क की राजनीति में एंट्री (फोटो-@AmericaPartyX)

पार्टी के रजिस्ट्रेशन पर सवाल

मस्क ने हालांकि यह नहीं बताया कि पार्टी कहां पंजीकृत हो सकती है। कानूनी रूप से पार्टी बनाने के लिए उसका संघीय चुनाव आयोग (एफईसी) में पंजीकरण कराना होता है। सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि एफईसी की हालिया फाइलिंग में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है।

अमेरिका में कैसे पंजीकृत होती है राजनीतिक पार्टी

अमेरिका में एक राजनीतिक पार्टी को पंजीकृत (Register) करने की प्रक्रिया राज्य और संघीय (federal) स्तर पर अलग-अलग होती है। यदि पार्टी का कोई उम्मीदवार है, तो उसके नामांकन को भी FEC के साथ सूचित करना होता है। पार्टी को नियमित रूप से चंदा, खर्च, और वित्तीय गतिविधियों की रिपोर्ट FEC को देनी होती है।

क्या-क्या चाहिए

राजनीतिक समिति (Political Committee) बनाना
  • पार्टी को एक पंजीकृत राजनीतिक समिति बनानी होती है जब, वह $5,000 या उससे अधिक राशि एकत्र करती है या खर्च करती है किसी संघीय चुनाव में।
FEC में फॉर्म दाखिल करना (Statement of Organization - Form 1)
  • यह फॉर्म 10 दिनों के भीतर भरना होता है जब समिति की गतिविधि $5,000 पार कर जाए।

राज्य स्तर पर पंजीकरण

अगर पार्टी किसी राज्यीय चुनाव (जैसे गवर्नर, स्टेट लेजिस्लेटर) में भाग लेना चाहती है, तो प्रक्रिया राज्य के चुनाव आयोग (State Election Office) पर निर्भर करती है।

क्या-क्या चाहिए

एक निश्चित संख्या में पंजीकृत वोटरों के हस्ताक्षर (Petition Signatures)

राज्य में पार्टी का संगठनात्मक ढांचा (जैसे चेयरपर्सन, कोषाध्यक्ष)

पार्टी का नाम और प्रतीक (name and symbol) जो पहले से पंजीकृत न हो

पार्टी के लिए आवश्यक दस्तावेज

पार्टी का संविधान/घोषणा-पत्र (Party Charter/Bylaws)

पदाधिकारियों की सूची

बैंक खाता और Tax ID (EIN)

संगठन की कार्य योजना और चुनावी उद्देश्य

मस्क के सामने चुनौतियां ही चुनौतियां

अगर एलन मस्क राजनीति में प्रवेश करते हैं, तो उनके सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी। जिसमें सबसे पहले उनका जन्म ही आता है। एलन मस्क दक्षिण अफ्रीका में जन्मे हैं। संविधान के अनुसार, अमेरिका का राष्ट्रपति वही बन सकता है जो जन्म से अमेरिकी नागरिक हो। इसलिए, वे राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य हैं (जब तक संविधान में संशोधन न हो)। मस्क एक बिजनेसमैन के तौर पर तो काफी सफल है, लेकिन एक नेता बनना और बात होती है। राजनीति में निर्णय लेने की प्रक्रिया, गठबंधन बनाना, कूटनीति आदि अलग कौशल चाहिए, जिसका मस्क के पास अभाव है। मस्क के बयान कभी रूढ़िवादी लगते हैं, तो कभी उदारवादी। इससे उनके मतदाता भ्रमित हो सकते हैं। उन्हें स्पष्ट करना होगा कि वे किस नीति या दृष्टिकोण के साथ खड़े हैं — स्वास्थ्य, शिक्षा, विदेश नीति, आदि। अगर वे राजनीति में आते हैं, तो यह सवाल उठेगा कि क्या वे जनता के हित में काम करेंगे या अपने व्यवसाय के? मस्क की कंपनियों के चीन और अन्य देशों से व्यापारिक संबंध हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी नीति के दृष्टिकोण से विवाद खड़ा कर सकता है। अगर वे नई पार्टी बनाते हैं, तो उन्हें वोटर बेस, संगठनात्मक ढांचा, और राजनीतिक नेटवर्क खड़ा करना होगा — जो बेहद कठिन है।

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मस्क और ट्रंप (फाइल फोटो)

डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन को चुनौती देना आसान नहीं

अमेरिका में चुनावी प्रणाली ऐसी है कि तीसरे दलों या स्वतंत्र उम्मीदवारों के लिए जीतना बेहद कठिन होता है। डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियां गहराई से संस्थागत रूप से जमी हुई हैं — सभी स्तरों पर। मस्क ने कभी डेमोक्रेट्स को समर्थन दिया है, कभी रिपब्लिकन को। टेक्नोलॉजी और बिजनेस में उनका अनुभव बड़ा है, पर विदेश नीति, सामाजिक न्याय, आर्थिक नियोजन जैसी राजनीतिक जटिलताओं में नहीं। आलोचक उन्हें "ध्यान हटाने वाला" उम्मीदवार कह सकते हैं, न कि समाधान-प्रदाता। अमेरिकी इतिहास में ट्रंप इकलौते ऐसे उद्योगपति हैं, जो राजनीति में आए और सफल रहे, लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी नहीं बनाई बल्कि वे रिपब्लिकन पार्टी के अंदर से आए थे — उन्होंने उसे पूरी तरह अपने कंट्रोल में किया और फिर राष्ट्रपति तक पहुंचे। रॉस पेरोट भी अरबपति थे, लेकिन उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ 19% वोट मिले थे।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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