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Sushmita Sen Heart Attack: क्यों कम उम्र में ही हो रहा है हॉर्ट अटैक, एक्सपर्ट से जानें आखिर क्या है फिट और हेल्दी होने का मतलब

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 4, 2023, 02:33 PM IST

Sushmita Sen Heart Attack: सिद्धार्थ शुक्ला, राजू श्रीवास्तव और केके फिट होने के बावजूद जिंदगी की जंग हार गए। सिद्धार्थ शुक्ला शुक्ला का फिट होने के बावजूद दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, जबकि श्रीवास्तव को ट्रेडमिल पर दौड़ते समय और केके का कोलकाता में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

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Heart Attack

Photo : iStock

Sushmita Sen Heart Attack: बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन (Sushmita Sen) ने दो दिन पहले गुरुवार को इंस्टाग्राम (Instagram) अकाउंट पर एक चौंकाने वाला खुलासा कर कहा कि उन्हें कुछ दिन पहले दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा था और उनकी एंजियोप्लास्टी हुई। फैंस और शुभचिंतकों के साथ अपने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी शेयर करते हुए 47 साल की सुष्मित सेन ने कहा था कि हार्ट एक्सपर्ट ने सर्जरी के दौरान उनके दिल में एक स्टेंट डाला। दरअसल कई लोगों का मानना है कि दिल का दौरा मोटापे, हाई फैट वाले खाने, धूम्रपान या शराब के सेवन का परिणाम है, लेकिन ऐसा लगता है कि इसमें और भी बहुत कुछ है। वहीं एक्पर्ट्स के अनुसार इसके लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं, जिसमें नींद की कमी भी शामिल है।

पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन अब उन मशहूर सेलिब्रिटीज की दौड़ में शामिल हो गई हैं, जो फिटनेस आइकन थीं, लेकिन वह अब हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित हैं। सिद्धार्थ शुक्ला, राजू श्रीवास्तव और केके फिट होने के बावजूद जिंदगी की जंग हार गए। सिद्धार्थ शुक्ला शुक्ला का फिट होने के बावजूद दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, जबकि श्रीवास्तव को ट्रेडमिल पर दौड़ते समय और केके का कोलकाता में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

वहीं डॉक्टर अब इसके संभावित कारणों का पता लगा रहे हैं और ऐसा लगता है कि नींद की कमी एक प्रमुख कारण है। उधर हमारे सहयोगी न्यूज चैनल मिरर नाउ के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में हेल्थकेयर एक्सपर्ट और लाइफ कोच ल्यूक कॉटिन्हो (Luke Coutinho) का कहना है कि साइज जीरो होना या 6 पैक एब्स होना फिट होने की परिभाषा नहीं है। उन्होंने कहा कि फिटनेस की परिभाषा में इमोशनल हेल्थ और सही तरीके की नींद भी शामिल है।

ल्यूक कॉटिन्हो ने आगे कहा कि सभी लोगों के बीच एक कॉमन फैक्टर जो अक्सर किसी घटना के बाद गिर जाते हैं, वह नींद की कमी है और ये दिल पर एक बड़ा असर डालता है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसमें वैपिंग की भी भूमिका है। ल्यूक कॉटिन्हो ने नींद पूरी न होना, धूम्रपान, वैपिंग, ओवरएक्टिव लाइफस्टाइल, ऐनबालिक स्टेरॉयड, युवावस्था में मधुमेह, हाई बीपी और कोविड-19 को युवाओं में हार्ट की बीमारियों में बढ़ोतरी के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार ठहराया है।

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