वर्ल्ड सिनेमा

बुर्का सिटी के डायरेक्टर ने लापता लेडीज मेकर्स की चोरी पर तोड़ी चुप्पी, बोले 'मैं दंग हूं कि ये मूवी...'

French filmmaker Fabrice Bracq on Laapataa Ladies: आमिर खान (Aamir Khan) के बैनर तले बनी लापता लेडीज (Laapataa Ladies) पर काफी समय से बुर्का सिटी से कहानी चुराने का आरोप लग रहा है। बुर्का सिटी के फिल्मकार फैब्रिस ब्रैक ने इस पूरे मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी है और कहा है कि वो दोनों फिल्मों में समानता देखकर दंग और हैरान हैं।

Image

Burqa City

French filmmaker Fabrice Bracq on Laapataa Ladies: आमिर खान के बैनर में बनी लापता लेडीज जब रिलीज हुई थी, तब इसकी कहानी की सभी ने जमकर तारीफ की थी। फिल्म की कहानी भारतीय समाज की एक ऐसी कुरीति को उजागर करती नजर आई थी, जिसकी वजह से महिलाओं की दशा लगातार खराब हो रही है। लापता लेडीज ने जिस मुद्दे को उठाया, वो काफी अहम था, जिस कारण हर किसी ने आमिर खान और किरण राव की तारीफ की थी। यहां तक कि इस फिल्म के लिए भारत की तरफ से ऑस्कर के लिए भी भेजा गया था। फिल्म लापता लेडीज को मिली अपार सफलता के बाद किसी ने सोचा नहीं होगा कि इस पर ये आरोप लगेगा कि मेकर्स ने इसकी कहानी कहीं से उठाई है।

कुछ दिनों पहले लापता लेडीज के मेकर्स पर ये आरोप लगा कि इसकी कहानी बुर्का सिटी से चुराई गई है। सिनेमाप्रेमियों ने दोनों फिल्मों की कहानियों की समानताएं सोशल मीडिया पर पेश की थीं, जिसके बाद लोग हैरान रह गए थे। अब फिल्म बुर्का सिटी के डायरेक्टर फैब्रिस ब्रैक ने इस पूरे मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी है और लापता लेडीज के मेकर्स को ताना मारा है। फैब्रिस ब्रैक ने अपने ताजा इंटरव्यू में कहा है कि बर्का सिटी और लापता लेडीज की कहानियों में केवल चंद समानताएं ही नहीं हैं बल्कि कई सारे सीन्स भी कॉपिड हैं।

फैब्रिस ब्रैक के अनुसार, ''पहली बात तो ये है कि जब मैंने फिल्म नहीं देखी थी तब मैं दंग था कि कैसे दोनों फिल्मों में इतनी समानताएं हो सकती है। जब मैंने फिल्म देख ली है तो मैं भौचक्का रह गया हूं कि दोनों फिल्मों में केवल समानताएं ही नहीं हैं बल्कि इनकी कहानियों की कई सारी चीजें एक जैसी ही हैं। फिल्म के किरदार एक जैसे हैं और इनकी कैरेक्टर स्टिक्स भी एक जैसी ही हैं। चाहें वो पुलिस ऑफिसर का किरदार हो या फिर सीधे-सादे पति का किरदार हो... सभी चीजें एक ही जैसी हैं।''

फैब्रिस ब्रैक के बयान पर लापता लेडीज के राइटर ने सफाई जारी की है और कहा है कि वो इस कहानी पर साल 2014 से काम कर रहे थे। बिप्लब ने कहा है, 'लापता लेडीज पर साहित्यिक चोरी के जितने आरोप लग रहे हैं, वो सरासर गलत हैं। हमने इस कहानी को 3 जुलाई 2014 के दिन में टू ब्राइड्स के नाम से रजिस्टर कराया था। इस कारण जो भी आरोप लग रहे हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है।'

Rahul Sharma
राहुल शर्माauthor

राहुल शर्मा एंटरटनमेंट जर्नलिज्म में 13 वर्षों का समृद्ध अनुभव रखते हैं। वह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम के लीड के रूप में काम कर रहे हैं। जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा करने वाले राहुल अब तक 14,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई बड़े बॉलीवुड और टीवी सितारों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं, साथ ही प्रभावशाली फिल्म रिव्यू, फीचर स्टोरीज और रोचक थ्रोबैक आर्टिकल भी लिखे हैं। उनकी लेखन शैली में गहराई, सहजता और इंडस्ट्री की गहरी समझ साफ झलकती है। राहुल को फिल्में देखना, नई जगहों की यात्रा करना और किताबें पढ़ना बेहद पसंद है, जो उनकी रचनात्मकता और कंटेंट गुणवत्ता को और निखारते हैं।

और पढ़ें
End of Article