Sana Khan Changes Her Name: निकाह के बाद सना खान ने इंस्टाग्राम पर बदला नाम, मौलाना मुफ्ती अनस से की है शादी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 23, 2020, 08:59 AM IST

पूर्व टीवी एक्ट्रेस सना खान ने हाल ही में मुफ्ती अनस से शादी कर ली है। सना ने शादी के बाद सोशल मीडिया पर अपना नाम बदल लिया है। सना ने इससे पहले शोबिज को अलविदा कह दिया था।

Sana Khan Changes Her Name: निकाह के बाद सना खान ने इंस्टाग्राम पर बदला नाम, मौलाना मुफ्ती अनस से की है शादी

पूर्व एक्ट्रेस और बिग बॉस की कंटेस्टेंट सना खान हाल ही में गुजरात के मुफ्ती अनस संग शादी कर ली। सना की शादी के बाद से ही उनकी तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। शादी के बाद सना ने अब सोशल मीडिया पर अपना नाम भी बदल लिया है। 

सना ने इंस्टाग्राम पर अपना बदलकर सैय्यद सना खान (Sayied Sana Khan) कर लिया है। मालूम हो कि सना ने 20 नवंबर को मुफ्ती अनस से शादी की थी और इसके बाद से ही वो चर्चा में बनी हुई हैं। सोशल मीडिया पर उनकी निकाह की जो फोटो और वीडियो पहले सामने आई उसमें वो हिजाब के साथ एक सफेद रंग की खूबसूरत ड्रेस पहने हुए दिखीं। इसके बाद उन्होंने लाल जोड़े में भी अपनी शादी की फोटो शेयर की। सना की शादी में उनके माता-पिता भी मौजूद थे। शादी के बाद दोनों ने केक भी काटा। 

कौन हैं मुफ्ती अनस

सना के पति मुफ्ती अनस की बात करें तो जानकारी के मुताबिक वो सूरत, गुजरात के रहने वाले हैं और मौलाना हैं। सना और मुफ्ती अनस की मुलाकात बिग बॉस फेम एजाज खान ने करवाई थी। 

अल्लाह के लिए की शादी

सना ने अपनी शादी की फोटो शेयर कर सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने अल्लाह के लिए शादी की है। सना ने इस पोस्ट में लिखा, 'अल्लाह की खातिर एक-दूसरे से प्यार किया, अल्लाह की खातिर एक-दूसरे से शादी की, अल्लाह हमें इस दुनिया में एकजुट रखे, और हमें जन्नत में फिर से मिलाए।' पोस्ट के अंत में सना ने अरबी में एक दुआ भी लिखी।

पिछले महीने शोबिज को कहा था अलविदा

सना ने पिछले महीने यानी अक्टूबर में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला कर लिया था और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी थी। सना ने लिखा कि वो कई साल से शोबिज की जिंदगी गुजार रही है जिसने उन्हें शोहरत, इज्जत और दौलत दी जिसके लिए वो शुक्रगुजार हैं। लेकिन अब वो लोगों की मदद करना चाहती हैं। सना ने लिखा, 'क्या ऐसा नहीं हो सकता कि अपनी जिंदगी उन लोगों की खिदमत में गुजारें जो बे आसरे और बे सहारे हैं? क्या इंसान को ये नहीं सोचना चाहिए कि उसे किसी भी वक्त मौत आ सकती है? और मरने के बाद इसका क्या बनने वाला है? मैं आज ऐलान करती हूं कि आज से मैं अपने शोबिज की जिंदगी को छोड़ कर इंसानियत की खिदमत और अपने पैदा करने वाले के हुक्म पर चलने का पक्का इरादा करती हूं।'

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