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तमिल डायरेक्टर Bharathiraja का 84 की उम्र में हुआ निधन, शोक में डूबी साउथ इंडस्ट्री

Bharathiraja dies at 84: तमिल सिनेमा से एक बेहद ही दुख खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि जाने-माने डायरेक्टर भारथीराजा (Bharathiraja) का 84 की उम्र के निधन हो गया है।

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भारतीराजा का हुआ निधन (Pic Credit: Instagram)

Bharathiraja dies at 84: तमिल सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर भारथीराजा का 84 साल की उम्र में निधन हो गया है। इस खबर से तमिल सिनेमा के फैन्स को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने सोमवार यानी 8 जून को डायरेक्टर ने आखिरी सांस ली। भारतीराजा की तबीयत उनके बेटे अभिनेता मनोज भारथीराजा की मौत के बाद बहुत खराब हो गई थी। मनोज का मार्च 2024 में 48 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। उस समय मनोज के अंतिम संस्कार करने के बाद जो पिक्स सामने आई थीं उनमें भारथीराजा (Bharathiraja) बहुत हताश नजर आए थे। भारथीराजा अपने बेटे के जाने की कमी सहन नहीं कर पा रहे थे। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Bharat Bhhagya Viddhaata First Review Out: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कंगना रनौत स्टारर की जमकर तारीफ, होगी टैक्स फ्री)

बेटे की मौत के गम में थे भारथीराजा

बीते साल दिसंबर में भारथीराजा को चेन्नई के टी नगर में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस लेने में काफी परेशानी हो रही थी। हालांकि इलाज होने के बाद में वे ठीक हो गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गी थी। अभी यह तक क्लियर नहीं है कि भारथीराजा की मौत की वजह वहीं स्वास्थ्य समस्याएं हैं। हाल ही में फिल्ममेकर के भाई जयराज पेरियमायाथेवर ने बताया कि भरथिराजा अपने बेटे मनोज भारथिराजा की मौत के दुख से अभी भी उबर नहीं पाए थे। वे उस गम को सहन नहीं कर पा रहे थे। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Yash की 'Toxic' को किया जाएगा रीशूट !! टीम ने खबरों पर तोड़ी चुप्पी)

Bharathiraja

Bharathiraja

साल 1977 में भारथीराजा ने फिल्म '16 वयतिनिले' से अपना पहला डायरेक्शन डेब्यू किया था। यह फिल्म तमिल सिनेमा में गांव की कहानियों को पूरी तरह बदल देने वाली साबित हुई। इसमें कमल हासन, श्रीदेवी और रजनीकांत मुख्य भूमिका में थे। इसके बाद भारथीराजा ने कई शानदार फिल्में बनाई, जैसे किझके पोगुम रेल, सिगप्पु रोजक्कल, अलैगल ओइवथिल्लै, काधल ओवियम और मुधल मरियाथै। उन्होंने 40 सालों तक फिल्मों को डायरेक्ट किया। भारतीय सिनेमा में अपने योगदान के लिए उन्हें इयक्कुनर इमयम का सम्मान मिला। निर्देशन के अलावा उन्होंने अभिनय में भी अच्छा नाम कमाया और धीरे-धीरे फिल्में बनाना कम कर दिया था।

कई दशकों के लंबे करियर में भारथीराजा भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन डायरेक्टर्स में से एक बन गए थे। उन्हें 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 6 तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और 1 नंदी पुरस्कार मिला। तमिल सिनेमा के अलावा उन्होंने तेलुगु और हिंदी फिल्में भी बनाईं। भारतीय सिनेमा में उनके बड़े योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री सम्मान से नवाजा था। यह देश का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। यह सम्मान उन्हें साल 2004 में मिला था।

Lalit Kumar
ललित कुमार author

ललित कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में बतौर राइटर जुड़े हैं। पत्रकारिता में डिप्लोमा करने के बाद ललित ने एंटरटेनमेंट बीट में अपना करियर शुरू किया और बॉलीवुड, टीवी, वेब सीरीज और सेलेब्रिटी लाइफ से जुड़ी खबरों की गहरी समझ विकसित की। मीडिया में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले ललित एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के ट्रेंड्स, ब्रेकिंग अपडेट्स, फिल्म/वेब सीरीज कवरेज को यूजर-फ्रेंडली अंदाज में पेश करने में माहिर हैं और अबतक 13,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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