The Raja Saab Movie Full Review: प्रभास की नई फिल्म 'द राजासाब' जो आज 9 जनवरी 2026 को रिलीज हुई है। ये एक हॉरर-कॉमेडी-फैंटसी फिल्म है, जिसमें प्रभास पहली बार ऐसे प्लेफुल और डरावने अंदाज में दिख रहे हैं। अगर आप भी इस फिल्म को देखने का प्लान बना रहे हैं, तो ये रिव्यू आपके काफी काम आने वाला है।
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The Raja Saab Movie Full Review: प्रभास की फिल्म 'द राजा साब' का काफी लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। ये इंजतार आज यानी 9 जनवरी 2026 को खत्म हो गया है। प्रभास की नई हॉरर कॉमेडी फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीजो हो गई है। इस फिल्म को डायरेक्टर मारुति निर्देशित कर रहे हैं जो अपनी कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। इस फिल्म में प्रभास के साथ हैं संजय दत्त, मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल, बोमन ईरानी और जरीना वहाब जैसे सितारे मौजूद है। अगर आप भी इस फिल्म को सिनेमाघर में देखने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये रिव्यू आपके काफी काम आने वाला है। इस रिव्यू में हम आपको फिल्म स्टोरी के साथ-साथ क्या अच्छा और क्या बुरा है ये भी बताने वाले हैं।
फिल्म की कहानी राजा (प्रभास) के बारे में है, जो अपनी दादी गंगम्मा (जरीना वहाब) के साथ रहता है। दादी को अल्जाइमर है और वो सिर्फ अपने पति कनकराजू (संजय दत्त) और पोते को याद रखती हैं। कनकराजू सालों पहले घर छोड़कर गए थे, क्योंकि कोई वफादार ने राजघराने की दौलत चुराई थी। राजा अपने दादा को ढूंढने निकलता है और हैदराबाद पहुंचता है। वहां उसे पता चलता है कि दादा की मौत हो चुकी है और वो एक खतरनाक भूत बनकर वापस आ गए हैं। कहानी में एक पुराना महल है, जो भूतिया है। इसमें हिप्नोटिज्म, तंत्र-मंत्र और पैरानॉर्मल जैसी चीजें हैं। राजा को अपनी पुरानी संपत्ति वापस लेनी है, लेकिन रास्ते में डरावने और मजेदार घटनाएं होती हैं। फिल्म में इमोशंस भी हैं, जैसे दादी-पोते का रिश्ता और दादा-दादी की यादें। लेकिन कहानी में हॉरर, कॉमेडी और एक्शन का मिक्स है, जो कभी-कभी कन्फ्यूज कर देता है।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत प्रभास हैं। वो पूरे फिल्म को अपने कंधों पर उठाए हुए हैं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस कमाल की है, कॉमेडी टाइमिंग अच्छी लगती है और कुछ सीन में वो हंसाते भी हैं। संजय दत्त का रोल सरप्राइज है, उनका प्रभास के साथ फेस-ऑफ अच्छा लगता है। क्लाइमेक्स के आखिरी 30-40 मिनट बहुत जोरदार हैं। पहले हाफ में कुछ कॉमेडी सीन और सेटअप अच्छा है। थमन का बैकग्राउंड म्यूजिक कुछ जगहों पर सीन को मजबूत बनाता है। प्रोडक्शन वैल्यू हाई है, कुछ विजुअल्स अच्छे लगते हैं। कुछ आइसोलेटेड सीन जैसे हॉस्पिटल वाला या शैडो वाला अच्छे हैं। कुल मिलाकर, प्रभास की एनर्जी और कुछ मास मोमेंट्स फिल्म को देखने लायक बनाते हैं।
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी कहानी और स्क्रीनप्ले है। कहानी पुरानी लगती है, जैसे पुरानी फिल्मों वाली। हॉरर हिस्सा डराता नहीं, कॉमेडी ज्यादातर जगह नहीं हंसाती। जोक्स फोर्स्ड लगते हैं और हिप्नोटिज्म वाला एंगल कनेक्ट नहीं करता। फिल्म बहुत लंबी है, जो बीच में बोर कर देती है। सेकंड हाफ में कुछ डल मोमेंट्स हैं और पेसिंग धीमी हो जाती है। VFX अच्छे नहीं हैं, कुछ जगह बहुत खराब लगते हैं। डायरेक्शन पुराना लगता है, जैसे नई चीज नहीं है। इमोशंस भी फेक लगते हैं और डेप्थ भी नहीं है। हीरोइन्स के रोल कमजोर हैं, कुछ सीन जबरदस्ती डाले लगते हैं। कुल मिलाकर, फिल्म में पोटेंशियल था लेकिन एक्जीक्यूशन कमजोर है।
अगर आप प्रभास के बड़े फैन हैं तो थिएटर जाकर देख लो, क्योंकि उनकी परफॉर्मेंस और कुछ मास सीन मजा दे सकते हैं। ये एक टाइम पास फिल्म है, फैमिली के साथ जा सकते हो अगर हल्की हॉरर-कॉमेडी पसंद है। लेकिन अगर अच्छी कहानी और टाइट स्क्रीनप्ले वाली फिल्म चाहते हो तो स्किप कर देना चाहिए। कुल मिलाकर, एक बार देखने लायक है लेकिन उम्मीद कम रखें।