Zwigato Review in Hindi: टीवी और अपनी फिल्मों से अक्सर फैंस को हंसाने वाले कपिल शर्मा अब अपनी फिल्म के साथ ऑडियंस को रुलाने की तैयारी में लग रहे हैं। पहली बार कपिल शर्मा एक इमोशनल अवतार में नजर आने वाले हैं।
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Zwigato Review in Hindi: टीवी और अपनी फिल्मों से अक्सर फैंस को हंसाने वाले कपिल शर्मा अब अपनी फिल्म के साथ ऑडियंस को रुलाने की तैयारी में लग रहे हैं। पहली बार कपिल शर्मा एक इमोशनल अवतार में नजर आने वाले हैं। एक बार फिर फिल्म अपनी फिल्म ज्विगाटो के साथ कपिल शर्मा बड़े पर्दे पर वापसी करने वाले है। ज्चिवगाटो की कहानी झारखंड के में रहने वाले झारखंड का रहने वाला मानस सिंह महतो की है। वह ओडिशा के भुवनेश्वर में रहता है और एक घड़ी की फैक्ट्री में मैनेजर था। यह कहानी एक ऐसे आदमी की है जो अपने परिवार को पालने के लिए कड़ी मेहनत करता है और Zwigato नाम की फूड डिलीवरी कंपनी में काम करना शुरू करता है। मानस अब बड़ी ऊंची इमारतों के साथ साथ मंदिर तक में फूड डिलीवर करता है। मानस कई ऐसी जगह भी जाता है, जहां पर डिलीवरी वालों के लिए लिफ्ट से जाना अलाउड नहीं होता है। कपिल शर्मा यानी मानस के परिवार में उनकी प्रतिमा (शहाना गोस्वामी), दो बच्चे और बूढ़ी मां भी हैं। पैसों की किल्लत की वजह से प्रतिमा में भी काम कर घर पर मदद करना चाहती है। फिल्म का क्लाईमैक्स ठीक-ठाक है, हालांकि इसे जानने के लिए आपको सिनेमाघर पहुंचना होगा।
एक्टिंग- बड़े और छोटे पर्दे पर हमेशा हंसाने वाले कपिल शर्मा सीरियल अवतार में भी अच्छी एक्टिंग करते नजर आ रहे हैं। मानस के रोल में कपिल की एक्टिंग काफी दमदार है। हालांकि फिल्म ने झारखंड की बोली को सही से बोलने में कपिल कुछ हद तक नाकामयाब नजर आते हैं। फिल्म में प्रतिमा का किरदार भी तारीफ योग्य है। अपनी मासूमियत से वह दर्शकों का दिल जीत लेती है। इसके अलावा सपोर्टिंग कैरेक्टर भी अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं।
लेखन और डायरेक्शन- इस फिल्म के लेखन और निर्देशन दोनों नंदिता दास ही है। ज्विगाटो की कहानी कई जगह खिंचती नजर आ रही है, दर्शक कई जगह बोरियत भी महसूस करते हैं। कभी-कभी बीच में ऐसा लगता है कि कई सीनों पर कैंची चलाई जानी चाहिए थी। हालांकि राइटिंग और डायरेक्शन के मामले में नंदिता ने ठीक-ठाक काम किया है।
कपिल शर्मा ने एक बार फिर फिल्म ज्विगाटो से बड़े पर्दे पर वापसी की है। कपिल की यह वापसी कई मामलों में दमदार नजर आ रही है। अगर आपको सीरियस टाइप की फिल्में पसंद हैं, तो आपको फिल्म जरूर देखनी चाहिए। हालांकि आप फिल्म के ओटीटी रिलीज का भी इंतजार कर सकते हैं क्योंकि फिल्म को सिनेमाघर में देखने का एक्सपीरियंस ज्यादा खास भी नहीं रहने वाला है।