HJTIHH Movie Review: डेविड धवन के निर्देशन में बनी वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' (Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai) सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। इस मूवी देखने का प्लान करने से पहले पढ़ लें ये रिव्यू।
'है जवानी तो इश्क होना है' मूवी रिव्यू
HJTIHH Movie Review: बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन की नई रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' (Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai) तय तारीख के मुताबिक 5 जून को रिलीज कर दी गई है। रोमांटिक-कॉमेडी डायरेक्ट करने के लिए फेमस डेविड धवन ने बेटे वरुण की फिल्म का निर्देशन किया। फिल्म में वरुण धवन के साथ मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े अहम रोल में नजर आ रही हैं। अगर आप इस रोमांटिक-कॉमेडी को देखने का प्लान कर रहे तो जान लीजिए कैसी है ये फिल्म? क्या यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरने में सफल रही है या फिर मसाला एंटरटेनर होने की चाह में यह कई कमियों को लेकर अपने साथ चलती है।
वरुण धवन को इस फिल्म में 'जस' का किरदार निभा रहे हैं उन्हें बानी (मृणाल ठाकुर) से प्यार हो जाता है और दोनों एक-दूसरे से शादी कर लेते हैं। इसके बाद जस अपने फैमिली को कम्पलीट करने के लिए बेबी चाहता है लेकिन बानी को कोई जल्दबाजी नहीं होती वो अपने करियर पर फोकस करना चाहती हैं। दोनों में इस बात को लेकर विवाद होने लगता है और जस-बानी एक-दूसरे से अलग होने का फैसला लेते हैं। वहीं कोर्ट उन्हें तलाक के फैसले पर दोबारा सोचविचार करने के लिए 2 महीने का समय देता है।
इसके बाद जस यूके में रहने लगता है वो सिंगल मैन वाली एन्जॉय करने लगता है। इस दौरान जस की मुलाकत प्रीत (पूजा हेगड़े) से हो जाती है। दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगते हैं। एक तरफ जस और प्रीत अपनी लव-लाइफ को एन्जॉय कर रहे होते हैं, तभी कहानी में बड़ा ट्विस्ट आता है। एक तरफ बानी की वापसी होती है, जो बताती है वो प्रेग्नेंट है। वहीं दूसरी ओर प्रीत भी जस के बच्चे की मां बनने वाली है। दिलचस्प बात यह है कि बानी और प्रीत की डिलीवरी डेट भी सेम है। अब इस मुसीबत को जस कैसे झेलता है? वो क्या करता है? कैसे चीजें संभालता है? यह सब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।
वरुण धवन 'बॉर्डर 2' में अपनी एक्टिंग के लिए बुरी तरह ट्रोल होने के बाद 'है जवानी तो इश्क होना है' के जरिए कॉमिक स्टाइल में वापस लौटे हैं। वह जोर-जोर से बोलते हैं, अजीब हरकतें करते हैं और अक्सर बिना दिमाग लगाए काम करते दिखते हैं। इस मूवी में उनके डायलॉग्स नार्मल ही है। वरुण धवन 'मैं तेरा हीरो' वाली इमेज से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। कई जगह उनकी एक्टिंग काफी बोर करने के साथ ओवर भी लगती है।
मृणाल ठाकुर को इस फिल्म में कम बोलने का मौका मिला है। बानी के रोल में उन्हें बार-बार ये दिखाया गया है कि वे स्वतंत्र और अपनी राय रखने वाली महिला हैं लेकिन फिल्म में ऐसा कुछ दिखाई नहीं देता है। करियर को मां बनने से ऊपर रखने के लिए उन्हें दोषी ठहराया गया है। उनका किरदार उतना ही कमजोर है जितनी फिल्म के गाने में नयापन है।
पूजा हेगड़े की प्रीत का रोल में नजर आ रही हैं। वो एक बिंदास और बेफिक्र पार्टी करने वाली लड़की के रूप में नजर आती हैं, जिसका एक सख्त भैया (जिम्मी शेरगिल) है। फिल्म में बढ़ते हुए गड़बड़झाले को देखते हुए पूजा काफी भोली और नादान दिखती हैं। पूजा हेगड़े के किरदार से भी ज्यादा उम्मीद करना बेकार है।
साइड एक्टर्स की बात करें तो मनीष पॉल बेस्ट फ्रेंड का रोल कर रहे हैं लेकिन कॉमिक रिलीफ देने की बजाय वे ज्यादा निराश करती है। जिम्मी शेरगिल और मौनी रॉय की एक्टिंग ने फिल्म में जान डाली है। राकेश बेदी और चंकी पांडे ने हमेशा की तरह बेहतर लगे हैं। फिल्म का लेखन कमजोर है और ज्यादातर किरदार अधूरे और बिना गहराई के लिखे गए हैं।
बॉलीवुड के "कॉमेडी किंग" और "डायरेक्टर नंबर 1" डेविड धवन अब फिल्में बनाना छोड़ रहे हैं। उनकी आखिरी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' है। 40 साल से ज्यादा के करियर के बाद ये उनका आखिरी काम है। इस फिल्म में उनके बेटे वरुण धवन के साथ चंकी पांडे, जॉनी लीवर, राजपाल यादव और राकेश बेदी जैसे मजेदार कलाकार हैं। डेविड धवन अपनी पुरानी स्टाइल में जोरदार, उछल-कूद वाली कॉमेडी लेकर आए हैं।
यह मूवी उनके ओल्ड स्टाइल स्टाइल में बनी है लेकिन 2026 में ये स्टाइल काफी पुराना लगता है। फिल्म मनोरंजन करना चाहती है और पुरानी यादें ताजा करना चाहती है लेकिन ये ज्यादा थकान वाली लगती है। इसे देखते हुए उतना मजा नहीं आता है। एक आखिरी फिल्म के रूप में इसमें वो भावुकता या असर नहीं है जो लोग उम्मीद करते हैं। आजकल रिश्तों और परिवार की बातें बहुत बदल चुकी हैं लेकिन फिल्म में पुरानी सोच दिखती है। यह मूवी नई ऑडियंस के साथ अच्छा कनेक्शन नहीं बना पाती है। डेविड धवन की पुरानी शैली के फैंस को कुछ हंसी-मजाक मिल सकता है लेकिन नई पीढ़ी को ये फिल्म काफी पुरानी और थकाऊ लगेगी।