Gustaakh Ishq Review: विजय-फातिमा के स्लो लव को मिला गुलजार साहब की जादूगरी का साथ

Gustaakh Ishq Movie Review: फिल्म गुस्ताख इश्क में विजय वर्मा और फातिमा सना शेख की शायरी भरी मोहब्बत दिल छूती है। खूबसूरत विज़ुअल्स, दमदार एक्टिंग और नसीर साहब की मौजूदगी कमाल की है, पर कमजोर स्क्रिप्ट और धीमी पेसिंग फिल्म को पूरी तरह उड़ने नहीं देती। अगर आप भी ये फिल्म देखने का प्लान कर रहे हैं, तो आप ये रिव्यू जरूर पढ़ें।

AbhayAuthored by: AbhayUpdated Nov 28 2025, 16:15 IST

Gustaakh Ishq

क्रिटिक्स रेटिंग
starstarstarstarstar

3.5

gustaakh ishq movie review: a weak storyline sank the film, vijay and fatima's acting went down the drain

Image Source: Gustaakh Ishq Movie

Gustaakh Ishq Movie Review: बॉलीवुड में रोमांटिक ड्रामा की परंपरा को नया आयाम देने वाली फिल्म 'गुस्ताख इश्क' थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है। निर्देशक विभु पुरी द्वारा बनाई गई इस फिल्म में विजय वर्मा, फातिमा सना शेख और नसीरुद्दीन शाह जैसे दिग्गज कलाकार है। फिल्म में एक ऐसी प्रेम कहानी है जो उर्दू शायरी की मिठास से सनी है, लेकिन पटकथा की कमजोरियां इसे पूरी तरह चमका नहीं पातीं। अगर आप भी इस फिल्म को देखने की प्लानिंग बना रहे हैं तो ये हमारा ये रिव्यू आपके बहुत काम आने वाला है। इस रिव्यू में हम आपको फिल्मी की अच्छी और खराब दोनों बातें बताने वाले हैं।

क्या है फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी है एक जवान लड़के पप्पन की (विजय वर्मा), जो उर्दू शायरी की दुनिया में कदम रखता है। वो एक मशहूर शायर (नसीरुद्दीन शाह) से गुरुमंत्र लेने जाता है, और वहां उसकी मुलाकात होती है एक लड़की से (फातिमा सना शेख), जो उसी शायर की शागिर्द है। धीरे-धीरे नजरों का मिलना, शेर-ओ-शायरी का लफ्जों में बयां होना और वो पुरानी दिल्ली की गलियों जैसी नॉस्टैल्जिया सब कुछ मिलकर एक मोहब्बत की कहानी बुनता है। ये क्लासिक बिटरस्वीट लव स्टोरी है, जहां पैशन और दर्द साथ-साथ चलते हैं। लेकिन सर्कमस्टैंसेज आड़े आते हैं और इमोशन्स को टेस्ट करते हैं। कुल मिलाकर, ये फिल्म शायरी के जरिए मोहब्बत की तड़प दिखाती है, जो देखने वालों को पुराने गजल वाले मूड में डुबो देती है।