Assi Movie Review: 'अस्सी' तापसी पन्नू की पावरफुल कोर्टरूम ड्रामा फिल्म है, जो रेप सरवाइवर की जिंदगी और सिस्टम की कमजोरियों पर बात करती है। अनुभव सिन्हा की डायरेक्टेड ये फिल्म इंटेंस और ट्रिगरिंग है। तापसी और कानी कुसरुति की एक्टिंग कमाल की है। आप भी इस फिल्म को देखने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको ये रिव्यू एक बार जरूर पढ़ लेना चाहिए।
Image Source: Assi Movie
Assi Movie Review: बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू की नई फिल्म 'अस्सी' आज यानी 20 फरवरी को बडे़ पर्दे पर रिलीज हो गई है। तापसी पन्नू की इस फिल्म का काफी लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। फिल्म अस्सी के ट्रेलर को लोगों का खूब प्यार मिला था। डायरेक्टर अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी फिल्म अस्सी की तापसी पन्नू वकील की रोल में नजर आ रही हैं। फिल्म में तापसी पन्नू के साथ मोहम्मद जीशान अय्यूब, कुमुद मिश्रा, रेवती, मनोज पाहवा जैसे सितारे धमाल मचा रहे हैं। अगर आप भी इस फिल्म को देखने के तैयारी कर रहे हैं, तो ये रिव्यू आपके काफी काम आने वाला है। इस रिपोर्ट में हम आपको फिल्म की स्टोरी के साथ-साथ क्या अच्छा और क्या बुरा है ये भी बताने वाले हैं।
कहानी दिल्ली में एक स्कूल टीचर परिमा (कानी कुस्रुति) की है, जो एक पार्टी के बाद मेट्रो से घर लौटते वक्त पांच लड़कों द्वारा अगवा कर ली जाती है और उनके साथ गैंग रेप होता है। वो बुरी तरह घायल होकर रेलवे ट्रैक पर छोड़ दी जाती है। उसके बाद पुलिस जांच, कोर्ट केस और परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। तापसी पन्नू रावी नाम की वकील हैं जो परिमा का केस लड़ती हैं। वो सिस्टम में भरोसा रखती हैं और कानून के रास्ते से न्याय चाहती हैं। लेकिन पुलिस में भ्रष्टाचार, गवाहों पर दबाव, सबूतों की छेड़छाड़ और समाज की बेरुखी सब कुछ सामने आता है। आरोपी लड़के अमीर बैकग्राउंड से हैं, वो बेफिक्र घूमते हैं और केस को मजाक बनाते हैं। कहानी रेप कल्चर, परिवार की शर्मिंदगी, पुलिस की लापरवाही और कोर्ट की कमजोरियों को दिखाती है। ये सिर्फ क्राइम की कहानी नहीं, बल्कि समाज की कमियों पर बात करती है।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत एक्टिंग है। तापसी पन्नू कमाल कर गई हैं। वो रावी के रोल में फ्रस्ट्रेशन, गुस्सा और हिम्मत सब दिखाती हैं। ये उनकी अब तक की सबसे पावरफुल परफॉर्मेंस में से एक है। कानी कुस्रुति सरवाइवर के रोल में बहुत अच्छी हैं, वो ट्रॉमा को रियल तरीके से दिखाती हैं। सपोर्टिंग कास्ट जैसे कुमुद मिश्रा, जीशान अय्यूब, रेवती सब अच्छे हैं। डायरेक्शन अनुभव सिन्हा का मजबूत है। फिल्म समाज की सच्चाई दिखाती है, जैसे आरोपी कैसे बेफिक्र हैं, परिवार कैसे शर्मिंदा होता है, और सिस्टम कैसे फेल होता है। कुछ कोर्ट सीन बहुत शार्प हैं, डायलॉग पावरफुल हैं। फिल्म मैसेज देती है कि रेप सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उसके बाद की पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाती है। ये ट्रिगरिंग है लेकिन जरूरी है, क्योंकि ये सोचने पर मजबूर करती है।
फिल्म परफेक्ट नहीं है। फिल्म बहुत सारे इश्यू एक साथ उठाती है जैसे वजीलेंटिज्म, पुलिस करप्शन, सोसाइटी की कमियां, लेकिन सबको अच्छे से नहीं जोड़ पाती। कुछ जगह ओवर-एम्बिशियस लगती है, मतलब मैसेज इतना जोर से दिया जाता है कि स्टोरी कमजोर पड़ जाती है। शुरुआत में क्राइम सीन बहुत डिटेल में दिखाए गए हैं जो ट्रिगरिंग हैं और कुछ लोगों को परेशान कर सकते हैं। दूसरे हाफ में कुछ पार्ट्स रिपीट लगते हैं और पेसिंग धीमी हो जाती है। फिल्म शॉक वैल्यू पर ज्यादा निर्भर है लेकिन सॉल्यूशन नहीं देती।
अगर आप सोशल इश्यू वाली फिल्में देखना पसंद करते हैं और मजबूत मैसेज वाली स्टोरी चाहते हैं तो मूवी अस्सी आपके लिए बनी है। तापसी पन्नू और कानी कुस्रुति की एक्टिंग, फिल्म का मैसेज और कोर्टरूम ड्रामा देखने लायक है। ये फिल्म समाज में रेप जैसे मुद्दों पर बात करती है जो आज भी बहुत जरूरी है। अगर आप सिर्फ एंटरटेनमेंट चाहते हैं तो शायद न देखें, क्योंकि ये हैवी और इमोशनल है।