Dil Bechara Review: सुशांत को देख काबू में नहीं रहेंगे इमोशंस, होंठों पर मुस्‍कान और आंखों में तैरेंगे आंसू

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 24, 2020, 09:15 PM IST

Sushant Singh Rajput Starrer Dil Bechara Review: बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत स‍िंह राजपूत की आखिरी फ‍िल्‍म द‍िल बेचारा र‍िलीज हो चुकी है। बीते महीने 14 जून को सुशांत ने फंदा लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली थी।

Dil Bechara Review: सुशांत को देख काबू में नहीं रहेंगे इमोशंस, होंठों पर मुस्‍कान और आंखों में तैरेंगे आंसू

Sushant Singh Rajput Starrer Dil Bechara Review: एमएस धोनी स्‍टार सुशांत सिंह राजपूत की अगली फ‍िल्‍म होगी 'कीजी और मैनी'। जब यह खबर सामने आई थी तो शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इस फ‍िल्‍म को देखने के ल‍िए पूरा देश बेकरार होगा और उसकी वजह बेहद दर्दनाक होगी। मुकेश छाबड़ा के निर्देशन में बनी इस फ‍िल्‍म का नाम बदलकर 'दिल बेचारा' किया गया और यह एक ऐसी फ‍िल्‍म बन गई जिसे देखने के लिए कलेजा चाहिए और दुनियाभर की हिम्‍मत चाहिए। वह इसलिए क्‍योंकि इस फ‍िल्‍म की रिलीज से एक महीना पहले सुशांत सिंह राजपूत ने दुनिया को अलविदा कह दिया। 34 साल की उम्र में उन्‍होंने फंदा लगाकर जान दे दी और फैंस इस खबर से टूटकर बिखर गए। 

सुशांत के जाने के बाद से ही उनकी आखिरी फ‍िल्‍म का फैंस को बेसब्री से इंतजार था। अब इसका इंतजार खत्‍म हो चुका है और डिज्नी हॉटस्टार पर यह फ‍िल्‍म रिलीज हो गई है। सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक में केवल दिल बेचारा और सुशांत की ही बात हो रही है। जिन लोगों कभी कोई फ‍िल्‍म फर्स्‍ट डे फर्स्‍ट शो नहीं देखी, वो भी इस फ‍िल्‍म के लिए इतिहास रचने बैठे। फ‍िल्‍म हर मोर्चे पर खरी उतरी है। इसमें कॉमेडी है, इमोशन है और दर्द है। सुशांत के अपोज‍िट संजना संघी भी खूब जमी हैं, जिन्‍होंने बतौर लीड अदाकारा इस फ‍िल्‍म से पर्दापण किया है। 

'दिल बेचारा' कहानी है Kizie Basu नाम की लड़की की जो टर्मिनल कैंसर से जूझ रही होती है। Kizie Basu का रोल फ‍िल्‍म में निभाया है संजना संघी ने। उसकी जिंदगी दवाइयों और अस्पताल के इर्द-गिर्द घूम रही होती है। उसकी इस रुटीन और बोरिंग लाइफ में उस वक्त रोमांच का तड़का लगता है जब उसकी लाइफ में एंट्री होती है इम्मानुअल राजकुमार जूनियर यानि Manny की। Manny के रोल में नजर आए हैं सुशांत सिंह राजपूत। हंसता खिलखिलाने वाले स्‍वभाव का मैनी संजना की जिंदगी को खुशियों से भर देता है और बीमारी से उसकी जंग का साथी बनता है। 

इस कहानी में ट्व‍िस्‍ट है और वो ये है कि फिल्म में केजी और मैनी दोनों ही गंभीर बीमारियों से लड़ रहे होते हैं। मैनी केजी को पेरिस घुमाने लेकर जाता है और वहां उसे पता चलता है कि वह खुद एक बीमारी से जूझ रहा है। केजी को जिंदगी के मायने बताते और सलीका सिखाते हुए मैनी उसकी जिंदगी से चला जाता है। फ‍िल्‍म का अंत एक बार दर्शकों को 14 जून 2020 पर ले जाकर खड़ा कर देता है।

सैफ अली खान और स्वस्तिका मुखर्जी भी इस फ‍िल्‍म में मुख्‍य भूमिका में हैं। शशांक खेतान और सुप्रोतिम सेनगुप्ता की लिखी यह कहानी इमोशनल कर देने वाली है। फ‍िल्‍म संगीत के मोर्चे पर भी सशक्‍त नजर आती है और होगी भी क्‍यों नहीं? एआर रहमान ने जो इस फ‍िल्‍म का संगीत दिया है। 

सुशांत सिंह राजपूत ने यकीनन बेहतरीन अदाकारी की है और एक बार फिर अपने जॉली नेचर वाले अंदाज से दर्शकों का दिल जीता है। इस फ‍िल्‍म में ऐसे तमाम मौकै आते हैं जब सुशांत की अदा और हरकतें फैंस को हंसने पर मजबूर करती हैं, लेकिन अगले ही पल वह मुस्‍कान यह सोचकर नदारद हो जाती है कि सुशांत सिंह राजपूत इस दुनिया में नहीं। पर्दे पर जीवंत नजर आ रहा वह कलाकार, हमेशा के लिए दुनिया से जा चुका है। दिल बेचारा फैंस का दिलकर जीतकर आंखें नम कर देती है।
 

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