Goodbye Movie Review: अमिताभ बच्चन, नीना गुप्ता और रश्मिका मंदाना की फिल्म गुडबाय सात अक्टूबर को रिलीज होने वाली है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। यदि आप भी इस शुक्रवार या वीकेंड में फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो पहले पढ़ लें ये रिव्यू।
Goodbye Movie Review in Hindi: अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan), रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna), नीना गुप्ता (Neena Gupta) की फिल्म गुडबॉय (Goodbye Movie) सिनेमाघरों में सात अक्टूबर 2022 को रिलीज होने वाली है। सिनेमाघरों के खुलने के बाद से ही सिनेमा प्रेमी एक फैमिली ड्रामा का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। फिल्म की दमदार स्टारकास्ट और फेस्टिव सीजन के कारण फैंस को गुडबाय से काफी उम्मीदें हैं। फिल्म इन सभी उम्मीदों पर खरी भी उतर रही है। सुपर 30 और क्वीन के बाद डायरेक्टर विकास बहल ने फैमिली ड्रामा में जो सारी चीजें होनी चाहिए, गुडबाय इन सभी बॉक्स पर टिक करती है।
गुडबाय की कहानी की बात करें तो ये भल्ला परिवार की एक जर्नी है। गायत्री (नीना गुप्ता) केनिधन के बाद हरीश (अमिताभ बच्चन) पर सारी जिम्मेदारी आ जाती है। वह अपने बच्चों से कहता है कि घर वापस लौट आए लेकिन, इसमें बेहद मुश्किल आती है क्योंकि सभी बच्चे दुनिया के अलग-अलग हिस्से में रहते हैं। पूरा परिवार जब एक छत के नीचे आता है, तो हर कोई अपने दुख को पहचानता है। इसके अलावा हर किसी का एक दूसरे से संपर्क टूटा हुआ है। वहीं, घर की बेटी (रश्मिका मंदाना) को अंतिम संस्कार से जुड़े सभी रिवाज अंधविश्वास लगते हैं। हरीश का परिवार किस तरह से गायत्री का अंतिम संस्कार करता है, पूरी कहानी इसी के ईर्द-गिर्द है।
एक्टिंग और डायरेक्शन
हरीश का किरदार निभा रहे अमिताभ बच्चन ने अपने 80वें बर्थडे से कुछ दिन पहले ये साबिक कर दिया कि उन्हें क्यों बॉलीवुड का बादशाह कहा जाता है। हरीश के किरदार में अमिताभ बच्चन ने जान फूंक दी है, साथ ही एक पिता के संघर्षों को भी बखूबी दिखाया है। गायत्री के किरदार में नीना गुप्ता को देखना एक विजुअल ट्रीट है। स्क्रीन में जब भी वह आई हैं, उन्होंने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज की है। वहीं तारा के किरदार के साथ रश्मिका मंदाना ने न्याय किया है। भल्ला फिल्म के सभी सदस्यों में आप तारा के किरदार से सबसे ज्यादा जुड़ाव महसूस करेंगे, जो सवाल पूछती हैं और हर चीज के पीछे की वजह ढूंढने की कोशिश करती हैं। हालांकि, बॉलीवुड में डेब्यू के बाद रश्मिका को अपनी भाषा में काम करने की जरूरत है।
टीवी एक्टर शिविन नारंग इस फिल्म के जरिए अपना डेब्यू किया है। भले ही उनका स्क्रीन टाइम बेहद कम है लेकिन, आप उन्हें जरूर नोटिस करेंगे। पंडितजी के किरदार के साथ सुनील ग्रोवर ने पूरा न्याय किया है। एली अवराम, अभिषेक खान और आशीष विद्यार्थी ने अपना किरदार बेहतरीन ढंग से निभाया है।
गुडबाय को विकास बहल ने डायरेक्ट किया है। एक फैमिली एंटरटेनर में जो होना चाहिए, गुडबाय में वह है। विकास बहल फिल्म के डायरेक्टर के अलावा इसके राइटर भी हैं। माता-पिता और बच्चे के संबंधों को दिखाना हो या फिर परिवार में चल रही कलह हो, हर इमोशन को विकास ने बेहतरीन ढंग से पर्दे पर उतारा है। फिल्म के डायलॉग्स काफी अच्छे है, जो दर्शकों को बांधने में बेहद अहम हैं।
क्यों देखें गुडबाय फिल्म?
गुडबाय हंसाती है, रुलाती है और एक परिवार में रिश्तों के गहराइयों को बेहद बेहतरीन ढंग से समझाती हैं। फिल्म में ऐसे कई पल हैं जो ये आपको ये सोचने पर मजबूर कर देगी कि जिंदगी बेहद छोटी है। फिल्म देखने के बाद आप अपने घर जाकर अपने माता-पिता को गले लगा लेंगे। फिल्म में कई पल है जो आपको हंसाएंगे और आखें भी नम हो जाएगी।