Janhvi Kapoor Personality rights: बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। हाल ही में वह साउथ सिनेमा में भी अपनी एक्टिंग का दम दिखा चुकी हैं। राम चरण के साथ उनकी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। अब जाह्नवी कपूर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, ऑनलाइन अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर अभिनेत्री ने दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी है और कुछ आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने उनकी सभी मांगों को स्वीकार नहीं किया है। (Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-Love & War’ की रिलीज डेट हुई कन्फर्म, रणबीर-आलिया और विक्की कौशल की तिकड़ी इस दिन मचाएगी धमाल)
अश्लील कंटेंट पर कोर्ट ने दी राहत
जाह्नवी कपूर को ऑनलाइन फैल रहे अश्लील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट से राहत दिलाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने दखल दिया है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि सेलिब्रिटी के नाम या तस्वीर के हर इस्तेमाल को पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने अदाकारा की याचिका पर अंतरिम आदेश देते हुए कुछ आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट हटाने का निर्देश दिया है। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की अदालत में मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई। जाह्नवी कपूर ने कोर्ट में याचिका दायर कर 5,000 से ज्यादा वेबपेज और सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उनकी याचिका में कथित तौर पर अश्लील AI से तैयार कंटेंट, उनके नाम से चल रहे फर्जी अकाउंट, नकली बुकिंग एजेंसियां और चैटबॉट्स शामिल थे। एक्ट्रेस का आरोप था कि इन माध्यमों से उनकी तस्वीर, नाम और पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा है।
कोर्ट ने जाह्नवी कपूर के वकीलों से कहा कि वे ऐसे कंटेंट की अलग सूची तैयार करें, जो साफ तौर पर गैरकानूनी और अश्लील है। कोर्ट ने संकेत दिया कि पोर्नोग्राफिक और आपत्तिजनक कंटेंट के साथ-साथ ऐसे मामलों में राहत दी जा सकती है, जहां उनकी पहचान का सीधे तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल कर कमाई की जा रही है। हालांकि, कोर्ट ने सभी फैन पेज और सोशल मीडिया अकाउंट हटाने की मांग को स्वीकार नहीं किया। जस्टिस भंभानी ने कहा कि किसी सेलिब्रिटी के नाम या तस्वीर का हर इस्तेमाल गलत नहीं होता। फैन पेज किसी कलाकार की तारीफ कर सकते हैं, आलोचना कर सकते हैं या मजाक भी बना सकते हैं। ऐसे मामलों में पर्सनैलिटी राइट्स के नाम पर फ्री स्पीच को सीमित नहीं किया जा सकता।
कब होगी अगली सुनवाई
जाह्नवी कपूर ने ऐसा आदेश देने की मांग भी की थी, जिसके तहत इंटरनेट पर नया कंटेंट सामने आते ही उसे हटाया जा सके। कोर्ट ने इस मांग पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि इंटरनेट पर लगातार नया कंटेंट आता रहता है और हर चीज को हटाना सही नहीं है। सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से भी 5,000 से ज्यादा लिंक की जांच पर आपत्ति जताई गई। कंपनी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में URL को मैन्युअली जांचना आसान नहीं है। कोर्ट ने मेटा को भी अपनी भूमिका की सीमा में रहने की सलाह दी। कोर्ट ने कहा कि पर्सनैलिटी राइट्स का मुद्दा लगातार जटिल होता जा रहा है और इस मामले के जरिए इसमें स्पष्टता लाने की जरूरत है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
