DAMAN Gets Highest IMDB rating: विशाल मौर्य और देवी प्रसाद लेंका द्वारा निर्देशित और बाबूशान द्वारा अभिनीत उड़िया फिल्म दमन 4 नवंबर को रिलीज हुई थी। रिलीज होने के बाद से फिल्म ओडिशा के सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है। छोटे शहरों कस्बों से लेकर महानगरों तक फिल्म के शो हाउसफुल चल रहे हैं। दमन फिल्म को 10 में से 9.7 आईएमडीबी रेटिंग मिली है। इस तरह वो बाहुबली, केजीएफ और आरआरआर जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों को पछाड़कर सबसे ज्यादा आईएमडीबी रेटिंग हासिल करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है।
दमन पहले केवल ओडिशा में रिलीज हुई थी और पहले सप्ताह में अपार सफलता मिलने के बाद देश भर से इसे अन्य राज्यों में रिलीज करने की मांग दर्शक कर रहे थे। ऐसे में अब दमन देश के मुख्य कुछ प्रमुख शहरों बंगलौर, दिल्ली, मुंबई, नोएडा, गुड़गांव, अहमदाबाद, हैदराबाद और कोलकाता में रिलीज हो चुकी है और वहां से भी फिल्म को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया आ रही है। फिल्म को हिंदी डब करके रिलीज करने की मांग भी उठी है। फिल्म के दायरे को अखिल भारतीय बनाने के लिए हिंदी में इसे डब करने की दिशाम में काम शुरू हो गया है। जल्दी ही इसकी हिंदी में रिलीज की तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा।

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ऐसी है फिल्म दमन की कहानी
दमन फिल्म की कहानी ओडिशा के नक्सल प्रभावित मलकानगिरी जिले के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने और अंधविश्वास को खत्म करने के विषय पर केंद्रित है। साल 2020 में विशाल और देवी ने मलकानगिरी के चितारकोंडा ब्लॉक में ओडिशा सरकार के मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम दमन (दुर्गम अंचल मलेरिया निराकरण) पर आधारित डॉक्यूमेंट्री करने गए थे। तब इनके दिमाग में इस विषय पीआर फिल्म बनाने का आइडिया आया और दोनों इसे मूर्त रूप देने में जुट गए। कॉन्सेप्ट, पिक्चराइजेशन, निर्देशन और शानदार एक्टिंग की वजह से इतनी बड़ी ब्लॉकबस्टर बनी है। इस फिल्म का लोग लंबे समय से इंतजार कर रही थे। तकनीकी वजहों से दो बार इसकी रिलीज डेट भी टालनी पड़ी। यह एक ऑफ बीट फिल्म है जिसमें न रोमांस है और ना ही एक्शन। लेकिन इसका विषय लोगों से सीधे जुड़ा है। जिससे कभी न कभी ओडिशा के दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों का सामना हुआ है।
दर्गम इलाकों में हुई फिल्म दमन की शूटिंग
विशाल ने बताय कि फिल्म की कहानी एक युवा डॉक्टर की है जिसकी एमबीबीएस की परीक्षा पास करने के बाद बतौर सरकारी डॉक्टर दुर्गम इलाके में हो जाती है। जहां एक गांव को मलेरिया की जद से अपनी कड़ी मेहनत के दमपर बाहर निकालता है। विशाल ने आगे बताया कि मलकानगिरि जैसे दुर्गम इलाकों में फिल्म की शूटिंग करना बेहद चुनौतीपूर्ण काम था। हमें फिल्म की शूटिंग के दौरान इस बात की आशंका थी कि पता नहीं लोगों को ये फिल्म पसंद आएगी कि नहीं? क्या प्रोड्यूसर इस आइडिया को पसंद करेंगे या नहीं? हमारे लिए इस फिल्म को बनाना जुए की तरह था जहां परिणाम कुछ भी हो सकता था। लेकिन अब लोगों की फिल्म के बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया और लोगों का इतना अपार प्यार पाकर संतोष हो रहा है।

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जल्द आएगी फिल्म बी फॉर बुंदेलखंड
फिल्म की पटकथा और निर्देशन विशाल मौर्य और देवी प्रसाद लेंका ने किया है। फिल्म के प्रोड्यूसर दीपेंद्र समल हैं। विशाल मौर्य मूलरूप से मध्यप्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं उन्होंने ग्वालियर के सरस्वती शिशु मंदिर गोरखी से अपनी स्कूली शिक्षा हासिल की। इसके बाद विदिशा इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। देबी और विशाल ने मिलकर एक और हिंदी फीचर फिल्म बी फॉर बुंदेलखंड बनाई है। उसे भी जल्दी ही रिलीज किया जाएगा। बुंदेलखंड की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में अधिकांश कलाकार ग्वालियर के ही हैं। विशाल के पिता भी पेशे से डॉक्टर हैं और ग्वालियर के थाटीपुर इलाके में रहते हैं। उनके पिता डॉक्टर एच आर मौर्य ने कहा कि मैं अपने बेटे की सफलता से बेहद खुश हूं। मैंने ऐसा सपने में भी नहीं सोचा था। विशाल ने ग्वालियर के साथ-साथ पूरे मध्यप्रदेश को गौरांवित किया है।
