कल्पना कीजिए, एक ऐसा हीरो जो सिल्वर स्क्रीन पर घोड़े दौड़ाता हो, दुश्मनों को धूल चटाता हो और दिलों में 'हलचल' पैदा कर दे ला दे। लेकिन अचानक वही हीरो कहीं गुम हो जाए। न कोई फिल्म, न कोई तालियां, बस एक खालीपन। और फिर एक दिन वो लौटे तो, न सिर्फ हीरो, बल्कि विलेन बनकर सबको चौंका दें। ये बॉबी देओल की कहानी है, जहां फ्लॉप की काली रातों ने उन्हें तोड़ा, लेकिन वापसी की सुबह ने नया जन्म दिया। जी हां, बॉबी देओल का सफर बॉलीवुड का वो रोलरकोस्टर है, जो आपको हंसाएगा, रुलाएगा, और अंत में तालियां बजवाएगा। तो चलिए इस 'लॉर्ड' की जिंदगी की किताब पलटते हैं, जहां हर पन्ना एक ट्विस्ट से भरा है।
बॉबी देओल की पर्सनल लाइफ
बॉबी देओल का जन्म 27 जनवरी 1969 को मुंबई में हुआ था। बॉबी देओल ने बचपन में ही 'धर्मवीर' (1977) में चाइल्ड आर्टिस्ट के रोल में धमाल मचाया। लेकिन असली धमाका तो 1995 में फिल्म 'बरसात' से हुआ। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया और इसके लिए बॉबी को फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड मिला। वो दौर था जब लंबे बाल, मास्कुलिन लुक और एक्शन का कम्बिनेशन बॉलीवुड का फॉर्मूला था। 1990 के दशक के अंत तक, बॉबी ने साबित कर दिया कि वो सिर्फ नेपो किड नहीं, बल्कि टैलेंटेड स्टार भी हैं। 1997 की 'गुप्त' एक थ्रिलर जो आज भी काफी पसंद की जाती है। फिर आई फिल्म 'सोल्जर' जिसने बॉबी देओल को एक अलग ही पहचान दिलाई। साल 2000 में 'बादल' और 'बिच्छू' दोनों ही फिल्में हिट साबित हुईं। 2001 की 'अजनबी' में बॉबी विलेन बने, लेकिन हीरो जैसे चमके। 2002 की 'हमराज' ने उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर का नॉमिनेशन दिलाया। वो दौर था जब बॉबी की फैन फॉलोइंग सलमान-अक्षय को टक्कर दे रही थी।
करियर में आई गिरावट
फिर आया वो मोड़, जहां स्टारडम की चमक फीकी पड़ने लगी। 2000 के दशक के मिडल में, बॉलीवुड बदल रहा था। ऋतिक रोशन, शाहरुख खान का डोमिनेशन देखने को मिल रहा था। बॉबी के साथ समस्या ये थी कि वो पुराने फॉर्मूले में अटक गए थे। गलत स्क्रिप्ट चॉइस की वजह से करियर नीचे की तरफ जाता रहा। बॉबी देओल की एक के बाद एक फिल्में फ्लॉप हो रही थीं। 2007 की 'झूम बराबर झूम' ने करियर को और गर्त में डाल दिया। बॉबी देओल ने बाद में खुद कबूला, 'मैंने गलत रोल चुने, इंडस्ट्री के बदलाव को नहीं समझा। कई रोल जो मेरे लिए थे, वो दूसरों को चले गए।' 2010 तक कंसिस्टेंट 11 फिल्में फ्लॉप रही, जिसे बाद बॉबी देओल घर में सन्नाटा छा गया।
पूरी तरह टूट गए बॉबी देओल
इसी डार्क फेज में आया 'DJ बॉबी' का चैप्टर, जो आज मीम्स का राजा है, लेकिन तब ह्यूमिलिएशन था। 2014-2016 तक बॉबी देओल को फिल्में मिलनी बंद हो गई थीं। जिसके बाद बॉबी देओल ने कुछ ऐसा फैसला लिया जिसने सबको हैरान कर दिया। बॉबी देओल इस दौरान दिल्ली के एक इवेंट में गए और वहां मैनेजमेंट ने उन्हें DJ की पोजिशन ऑफर की और बिना मन के बॉबी देओल ने ये काम शुरू किया। लेकिन यहां भी बॉबी देओल से एक भारी गलती हो गई। उन्होंने इवेंट में अपनी फिल्म 'गुप्त' के गाने लूप पर चला दिए। जिसके बाद वहां मौजूद भीड़ भड़क गई और रिफंड मांगने लगी। ये फेज उनके लिए शर्मिंदगी से भरा था, लेकिन आज 'DJ बॉबी' उनके ब्रांड का हिस्सा।
एक धमाकेदार वापसी
'मैं समंदर हूं, लौटकर वापस आऊंगा' ये लाइन बॉबी देओल की लाइफ पर एकदम फिट बैठती है। 2017 में बॉबी देओल का करियर उस मोड़ पर था, जहां सन्नाटा पसरा था। लेकिन कहते हैं न, 'जब रात सबसे गहरी हो, सुबह करीब होती है।' भाई सनी देओल के साथ 'पोस्टर बॉयज' में बॉबी ने छोटा सा रोल निभाया। फिल्म कोई बड़ा धमाका नहीं थी, लेकिन ये वो पहला कदम था, जिसने बॉबी को फिर से सेट पर ला खड़ा किया। 2018 में मिले सलमान खान के साथ ने सब कुछ बदल दिया। फिल्म 'रेस 3' बॉबी के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इसके बाद 'हाउसफुल 4' और ओटीटी पर भी बॉबी देओल ने धमाल किया। लेकिन असली धमाका तो 2023 में हुआ, जब संदीप रेड्डी वंगा ने 'एनिमल' में बॉबी को एक ऐसा रोल दिया जिसने बॉलीवुड की नींव हिला दी। अब वो वेब सीरीज 'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में अपने रोल से लोगों का दिल जीत रहे हैं। अब लॉर्ड बॉबी उस मुकाम पर है, जहां पहुंचने का हर कोई सपना देखता है।
