राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान को तीन दिन बीत जाने के बाद भी आयोग ने अब तक महिला और पुरुष मतदाताओं के मतदान प्रतिशत जारी नहीं किए हैं।
तेजस्वी यादव के EC से तीखे सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा, “पहले चरण के चुनाव को लगभग तीन दिन हो गए हैं। फिर भी, तीन दिन बाद भी, चुनाव आयोग ने अभी तक महिला और पुरुष मतदाताओं के मतदान प्रतिशत का खुलासा नहीं किया है। ये आंकड़े क्यों छिपाए जा रहे हैं? सड़कों पर वीवीपैट पर्चियां बिखरी पड़ी थीं। सीसीटीवी कैमरे बंद किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि ये आंकड़े क्यों नहीं बताए जा रहे हैं।”
चुनाव प्रक्रिया पर पारदर्शिता को लेकर चिंता
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मतदान से जुड़ी सूचनाओं को जानबूझकर रोका जा रहा है, जिससे लोगों के बीच शंका पैदा हो रही है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग का दायित्व है कि वह हर चरण के बाद मतदान से जुड़ी सभी जानकारियाँ सार्वजनिक करे, ताकि जनता का भरोसा कायम रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मतदान केंद्रों पर वीवीपैट (VVPAT) पर्चियों के सड़क पर बिखरे मिलने और सीसीटीवी कैमरों के बंद होने जैसी घटनाएँ चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने जहां इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब मांगने की बात कही है, वहीं सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक आरोप करार दे रहा है।
आयोग से जवाब की मांग
राजद नेता ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वह तुरंत स्थिति स्पष्ट करे — मतदान प्रतिशत के विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक करे, वीवीपैट पर्चियों के बिखरने की जांच कराए, और यह सुनिश्चित करे कि सीसीटीवी कैमरे हर मतदान केंद्र पर सक्रिय रहें। तेजस्वी यादव का बयान आगामी चरणों के मतदान से पहले चुनाव की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बहस को और तेज कर गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या वह जनता के सामने मतदान से जुड़ा विस्तृत डेटा पेश करेगा।
