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Chhattisgarh Chunav: कौन हैं मंत्री गुरु रुद्र कुमार? काफिले पर हुआ हमला, समझिए पूरा विवाद

Chhattisgarh Assembly Election 2023: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बीच बेमेतरा में कांग्रेस प्रत्याशी गुरु रुद्र कुमार के काफिले पर हमला हो गया। इस हमले में रुद्र कुमार बाल-बाल बचे हैं। वो मौजूदा भूपेश बघेल सरकार में लोक स्वास्थ्य यान्त्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री हैं। आखिर चुनावी मैदान में मंत्री के काफिले पर हमले के क्या मायने हैं और इसका असल कारण क्या हो सकता है? समझिए।

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कांग्रेस प्रत्याशी गुरु रुद्र कुमार के काफिले पर हमला।

Photo : ANI

Chhattisgarh Election News: गुरु रुद्र कुमार छत्तीसगढ़ सरकार में लोक स्वास्थ्य यान्त्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री हैं। बीती रात (बुधवार) को उनके काफिले पर पथराव हुआ, इस हमले में वो बाल-बाल बचे। पुलिस ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नवागढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार गुरु रुद्र कुमार के काफिले पर बुधवार को बेमेतरा में कथित तौर पर पत्थरों से हमला किया गया। पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस प्रत्याशी देर रात झाल गांव से लौट रहे थे, तभी कुछ उपद्रवियों ने कथित तौर पर उनके काफिले पर पथराव कर दिया। इस हमले के आखिर क्या मायने हैं और इसके पीछे का असल कारण क्या हो सकता है आपको समझाते हैं।

नवागढ़ विधानसभा सीट पर मंत्री का विरोध

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में नवागढ़ सीट पर मंत्री गुरु रुद्र कुमार का भारी विरोध देखा जा रहा है, इसकी वजह आपको समझाते हैं। दरअसल, साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के गुरदयाल सिंह बंजारे ने इस सीट पर प्रचंड जीत दर्ज की थी। पिछले चुनाव में नवागढ़ विधानसभा सीट के परिणाम में कांग्रेस के गुरदयाल ने भाजपा के दयालदास बघेल को 33,200 वोटों से मात दी थी। इस बार के चुनाव में गुरुदयाल सिंह का टिकट कट गया और इनकी जगह राज्य के मंत्री गुरु रुद्र कुमार को उम्मीदवार बनाया गया, ऐसे में मंत्री रुद्र कुमार का भारी विरोध देखा जा रहा है।

अहिवार सीट से विधायक हैं गुरु रुद्र कुमार

विधानसभा चुनाव 2018 में गुरु रुद्र कुमार छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की विधानसभा सीट अहिवार से विधायक चुने गए थे। उन्होंने भाजपा के सावला राम डहरे को 31,687 वोटों से करारी शिकस्त दी थी। इस चुनाव में उन्हें 88,735 वोट हासिल हुए थे। इस बार के चुनाव में भाजपा ने डोमन लाल कोरसेवाड़ा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने निर्मल कोसारे को टिकट दिया है। गुरु रुद्र कुमार का निर्वाचन क्षेत्र बदल दिया गया।

झाल गांव से लौट रहे मंत्री के काफिले पर हमला

बेमेतरा की एसपी भावना गुप्ता ने एएनआई को बताया, "नवागढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार गुरु रुद्र कुमार के काफिले पर कुछ लोगों ने उस समय हमला किया जब वह झाल गांव से लौट रहे थे। मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।" मामले की आगे की जांच जारी है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान मंगलवार को संपन्न हो गया, और दूसरे चरण का मतदान 17 नवंबर को होगा। सभी पांच राज्यों में वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। 2018 के चुनाव में कांग्रेस छत्तीसगढ़ में 90 में से 68 सीटें जीतकर सत्ता में आई। पार्टी का वोट शेयर 43.9 फीसदी था। बीजेपी ने 15 सीटें जीतीं और उसका वोट शेयर 33.6 फीसदी रहा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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