Bihar Assembly Election: बिहार चुनाव में इंडिया ब्लॉक से सीट नहीं मिलने पर झारखंड मुक्ति मोर्च (जेएमएम) ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। जेएमएम नेता मनोज पांडे ने बुधवार को रांची में कहा कि बिहार चुनाव में उनकी पार्टी छह सीटें चाहती थी लेकिन उसे ये सीटें नहीं दी गईं। इसके लिए राजद और कांग्रेस दोनों जिम्मेदार हैं। दोनों दलों ने सीट देने की बात कही थी लेकिन अंतिम समय तक उन्हें सीटें नहीं दीं और भ्रम की स्थिति बनाकर रखा। यह सब देखकर पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया।
भ्रम की स्थिति के लिए आरजेडी-कांग्रेस जिम्मेदार
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक जेएमएम नेता मनोज पांडेय ने कहा, 'हम इस भ्रम की स्थिति के लिए आरजेडी और कहीं न कहीं कांग्रेस को भी जिम्मेदार मानते हैं। हमें वहां (महागठबंधन में) उचित स्थान नहीं मिला। हमारी इच्छा गठबंधन तोड़ने की नहीं थी। पार्टी ने पहले ही छह सीटों पर अपना मन बना लिया था, लेकिन इंडिया गठबंधन की ओर से कहा गया कि आपको समायोजित किया जाएगा। इंतजार की सीमा पार हो गई और हमें गठबंधन में कोई जगह नहीं मिली। यहां सिर्फ भ्रम की स्थिति बनाई गई। पार्टी ने फैसला किया है कि हम चुनाव से बाहर रहेंगे।'
जेएमएम ने कही है गठबंधन की समीक्षा की बात
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से झारखंडी अस्मिता बिहार के राजनीतिक चौराहे पर तार-तार हो गई। लंबे समय तक जेएमएम गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत रहा, लेकिन उसे निराशा ही हाथ लगी। प्रतुल ने कहा कि जेएमएम के वरिष्ठ नेताओं ने माना है कि राजद और कांग्रेस ने उनके पीठ में खंजर घोंपा। उन्होंने आगे कहा कि जेएमएम के मंत्री और महासचिव ने अब गठबंधन की समीक्षा करने की घोषणा की है। झारखंड की जनता बेसब्री से इंतजार कर रही है कि समीक्षा के बाद क्या निर्णय निकलेंगे। क्या मुख्यमंत्री राजद को मंत्रिमंडल से बाहर करेंगे, या कांग्रेस के मंत्रियों को भी हटाया जाएगा? या फिर यह समीक्षा सिर्फ दिखावा साबित होगी?
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आने वाला समय यह तय करेगा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, अपने पिता शिबू सोरेन की विरासत के अनुरूप झारखंडी अस्मिता की रक्षा कर पाएंगे या फिर सत्ता में बने रहने के लिए जेएमएम दो बड़े दलों के सामने नतमस्तक रहेगा।
जेएमएम ने किसी भी सीट पर नामांकन नहीं किया
भाजपा प्रवक्ताने कहा कि शुरुआत में जेएमएम ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा किया था, लेकिन बाद में सीटों की संख्या घटाकर 12 कर दी। इसके बाद महागठबंधन के नेताओं से बैठक हुई और दावा किया गया कि झामुमो कई सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इसके बाद पार्टी ने कहा कि उसके उम्मीदवार महागठबंधन के तहत तीन सीटों पर उतरेंगे। महागठबंधन ने जब उनकी अनदेखी कर दी तो पार्टी ने रांची में प्रेस कांफ्रेंस कर 6 सीटों पर अकेले लड़ने की घोषणा की, लेकिन 24 घंटे में फिर से यू-टर्न लेते हुए जेएमएम ने किसी भी सीट पर नामांकन नहीं किया।
