आज यानी 20 नवंबर को उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान हुए है। उपचुनावों में मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच ही माना जा रहा है। मगर मायावती की बहुजन समाज पार्टी भी सभी 9 सीटों पर मैदान में उतरी है। इसी बीच मुजफ्फरनगर की मीरापुर विधानसभा उपचुनाव से बड़ी खबर सामने आ रही है। जेवीसी एग्जिट पोल के अनुसार, यहां रालोद उम्मीदवार मिथलेश पाल को जीत मिल सकती है।
वहीं इस बीच प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए बुधवार शाम पांच बजे तक लगभग 50 प्रतिशत वोट पड़े। प्रदेश की कटेहरी, करहल, मीरापुर, गाजियाबाद, मझवां, सीसामऊ, खैर, फूलपुर और कुंदरकी सीट पर सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। जो मतदाता शाम पांच बजे तक मतदान केन्द्र के अंदर पहुंच गए, उन सभी को वोट डालने दिया गया।
मीरापुर में 57.02 प्रतिशत हुई वोटिंग
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, शुरू में धीमी रफ्तार के बाद मतदान में तेजी आयी। हालांकि शाम पांच बजे तक औसतन करीब 50 फीसद वोट पड़े। गाजियाबाद में सिर्फ 33 प्रतिशत मतदान हुआ। आयोग द्वारा उपलब्ध कराये गये आंकड़ों के मुताबिक, शाम पांच बजे तक गाजियाबाद में 33.30 प्रतिशत, कटेहरी में 56.69 प्रतिशत, खैर में 46.35 प्रतिशत, कुंदरकी में 57.32 प्रतिशत, करहल में 53.92 प्रतिशत, मझवां में 50.41 प्रतिशत, मीरापुर में 57.02 प्रतिशत, फूलपुर में 43.43 प्रतिशत और सीसामऊ में 49.03 प्रतिशत मतदान हुआ।
आयोग के अनुसार, मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हुआ और कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आयी। मगर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर एक समाचार चैनल का वीडियो साझा करते हुए कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। ये मतदाताओं को धमका रहे हैं और उन पर हाथ भी उठा रहे हैं। लाठी मारने की धमकी भी दे रहे हैं। साथ ही समाचार चैनल तक को धकेलकर अपना रौब जमा रहे हैं। ऐसे अधिकारी की पहचान की जाए और तत्काल निलंबित किया जाए।
इससे पहले, यादव ने उच्चतम न्यायालय और निर्वाचन आयोग से वीडियो साक्ष्य के आधार पर तत्काल संज्ञान लेने और दंडात्मक कार्रवाई करने तथा निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपील की। यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय और निर्वाचन आयोग से आग्रह है कि अभी-अभी प्राप्त वीडियो साक्ष्यों के आधार पर तत्काल संज्ञान लेते हुए दंडात्मक कार्रवाई करें और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया भी सुनिश्चित करें। जो भी पुलिस अधिकारी पहचान पत्र और आधार आईडी जांच रहे हैं, वीडियो के आधार पर उनकी पहचान कर उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए। पुलिस को आधार आईडी कार्ड या पहचान पत्र जांचने का कोई अधिकार नहीं है।
पुलिसकर्मियों द्वारा कुछ स्थानों पर मतदाताओं के पहचान पत्रों की जांच करके उन्हें परेशान करने की शिकायतों के बीच, प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बताया कि शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए चुनाव ड्यूटी पर तैनात पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। रिणवा ने कहा कि निलंबित पुलिसकर्मियों में कानपुर और मुजफ्फरनगर में दो-दो और मुरादाबाद का एक पुलिसकर्मी शामिल है। हम सभी शिकायतों पर संज्ञान लेते हैं और तुरंत उसका सत्यापन करते हैं, जिसके बाद कार्रवाई की जाती है।
कांग्रेस नहीं लड़ रही उपचुनाव
बता दें, मीरापुर सीट राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पास थी, जो अब भाजपा की सहयोगी है। कांग्रेस उपचुनाव नहीं लड़ रही है और ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की अपनी सहयोगी सपा का समर्थन कर रही है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अपने दम पर सभी नौ सीट पर चुनाव लड़ रही है। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने गाजियाबाद, कुंदरकी और मीरापुर सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं जबकि चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने सीसामऊ को छोड़कर सभी सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं।
