बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के दौरान निर्वाचन आयोग ने निगरानी की अभूतपूर्व व्यवस्था की है। राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर पहली बार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और आयोग को 45 हजार से अधिक मतदान केंद्रों से लाइव फीड मिल रही है। इस फीड के माध्यम से मतदान की स्थिति पर दिल्ली में स्थित निर्वाचन सदन से आयोग के शीर्ष अधिकारी लगातार नजर रखे हुए हैं।
दिल्ली से बिहार पर नजर
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त एस. एस. संधू और विवेक जोशी स्वयं नियंत्रण कक्ष में मौजूद रहकर मतदान की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। इस बार मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने बताया कि पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और किसी भी तरह की अनियमितता पर नियंत्रण कक्ष से तुरंत कार्रवाई की जा रही है। दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।
18 जिलों में वोटिंग
पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें कुल 1,314 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। आयोग ने इस चरण के लिए 45,341 मतदान केंद्र बनाए हैं, जहां चार लाख से अधिक मतदान कर्मियों की तैनाती की गई है। उम्मीदवारों की ओर से मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए 65,481 पोलिंग एजेंट भी नियुक्त किए गए हैं, जो हर केंद्र पर मतदान की निष्पक्षता सुनिश्चित करने में जुटे हैं। इस बार की चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी निगरानी ने पारदर्शिता को नई मजबूती दी है। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि हर वोट सुरक्षित रहे, हर मतदाता का अधिकार सुनिश्चित हो और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
