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अरे...फूल कहां हैं? जब मंच पर प्रियंका गांधी का हुआ खाली गुलदस्ते से स्वागत, Video हुआ वायरल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Nov 7, 2023, 11:31 AM IST

Priyanka Gandhi: प्रियंका गांधी इंदौर के एक चुनावी मंच पर थीं। इस दौरान कांग्रेसी नेता उनका स्वागत कर रहे थे। तभी एक स्थानीय कांग्रेस नेता उन्हें खाली गुलदस्ता भेंट कर दिया, जिसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

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प्रियंका गांधी

Photo : Twitter

Priyanka Gandhi: मध्य प्रदेश के इंदौर में चुनाव प्रचार करने पहुंचीं प्रियंका गांधी के साथ ऐसी घटना घटी कि किसी भी शख्स की हंसी छूट जाएगी। दरअसल, मंच पर एक कांग्रेस नेता ने प्रियंका गांधी का खाली गुलदस्ते से स्वागत कर दिया। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें प्रियंका गांधी खाली गुलदस्ते फूलों के बारे में पूछती नजर आ रही हैं। हालांकि, कांग्रेस नेता की इस हरकत पर वह भी अपनी हंसी नहीं रोक पाईं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रियंका गांधी इंदौर के एक चुनावी मंच पर थीं। इस दौरान कांग्रेसी नेता उनका स्वागत कर रहे थे। तभी एक स्थानीय कांग्रेस नेता उन्हें गुलदस्ता भेंट करते दिखते हैं। हालांकि, उनकी ओर से दिए गए गुलदस्ते से फूल गायब थे और उसमें चंद पत्तियां ही थीं।

प्रियंका गांधी के सवाल पर झेंप गए नेताजी

प्रियंका गांधी ने जब गुलदस्ते को देखा तो उन्होंने कांग्रेस नेता से खाली गुलदस्ते के बारे में पूछा, जिसके बाद कांग्रेस नेता झेंप गए। हालांकि, प्रियंका गांधी का सवाल करते हुए वीडियो जरूरत सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।

खाली गुलदस्ते पर ही भाजपा पर कसा तंज

हालांकि, प्रियंका गांधी ने इस वाकये को अपने चुनावी भाषण में शामिल किया और भाजपा पर ही तंज कस दिया। उन्होंने कहा, जब अभी मैं मंच पर आई थी, तो आपने देखा होगा कि किसी व्यक्ति ने मुझे एक गुलदस्ता दिया था, उसमें फूल नहीं थे और वह खाली थी। उन्होंने कहा, भाजपाई नेता इसी तरह धर्म, जाति और घोषणाओं का गुलदस्ता बनाकर मतदाताओं को बार-बार दे रहे हैं। हालांकि, चुनाव खत्म होने के बाद जब आप यह गुलदस्ता देखते हैं तो आपको पता चलता है कि इसमें फूल नहीं हैं और यह खाली और खोखला है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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