Bihar Assembly Election 2025 : बिहार में पहले चरण में छह नवंबर को रिकॉर्ड 64.66% मतदान हुआ। इस बढ़े हुए मतदान को सभी दल अपने तरीके मतलब निकाल रहे हैं। जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर ने भी इस प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में पीके ने कहा कि इस बार आजादी के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा मतदान हुआ है। 60% से अधिक बिहारी बदलाव चाहते हैं। और अब लोगों के पास जन सुराज के रूप में एक विकल्प है।
प्रवासी मजदूर इस चुनाव के X फैक्टर-पीके
उन्होंने कहा, 'बढ़ी हुई वोटिंग प्रतिशत दिखाती है कि लोग विकल्प मिलने से खुश हैं, और छठ के बाद जो प्रवासी मजदूर अब भी यहां थे, उन्होंने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। वे इस चुनाव के ‘एक्स फैक्टर’ हैं... जन सुराज को पूरा भरोसा है कि 14 नवंबर को इतिहास रचा जाएगा।' उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के काफिले पर हमले पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, 'उन्होंने खुद अपनी सरकार के ‘चाल, चरित्र और चेहरा’ की पुष्टि कर दी। यहां कोई सुरक्षित नहीं है और कानून का राज नहीं है... अब तक जनता सह रही थी, अब चुनाव में नेता भी उसका सामना कर रहे हैं।'
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर उन्होंने कहा, 'सम्राट चौधरी यह बताएं कि वे तारापुर जीत रहे हैं या हार रहे हैं।'
64.66 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया
बिहार विधानसभा के लिए पहले चरण के मतदान में बृहस्पतिवार को 3.75 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 64.66 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो राज्य में ‘अब तक का सबसे ज्यादा’ मतदान प्रतिशत है। निर्वाचन आयोग ने यहां जारी एक बयान में कहा कि बिहार चुनाव का पहला चरण शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और राज्य के इतिहास में ‘अब तक का सबसे अधिक 64.66 प्रतिशत मतदान’दर्ज किया गया। पहले चरण में 18 ज़िलों के कुल 121 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ, जहां मतदाताओं की कुल संख्या 3.75 करोड़ से अधिक थी।
पहले विस चुनाव में हुआ था 42.6 प्रतिशत मतदान
वर्ष 1951-52 में हुए पहले बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान, राज्य के इतिहास में सबसे कम 42.6 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। बिहार में इससे पहले सबसे ज्यादा 62.57 प्रतिशत मतदान 2000 में दर्ज किया गया था। कोविड-19 महामारी के साये में हुए 2020 के विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 57.29 रहा था। वर्ष 1951-52 में हुए पहले लोकसभा चुनावों में, बिहार में 40.35 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो निम्नतम आंकड़ा है। राज्य में 1998 के संसदीय चुनावों में अब तक का सबसे अधिक 64.6 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने 1951 के बाद से विधानसभा चुनाव के पहले चरण में ऐतिहासिक मतदान के लिए बिहार के मतदाताओं को बधाई दी है।
