Vinesh Phogat in Julana: कांग्रेस शामिल होने और जुलाना से टिकट मिलने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार विनेश फोगाट यहां अपने चुनाव प्रचार अभियान में जुट गई हैं। विनेश मंगलवार को जनता के बीच पहुंची और अपना अभियान आगे बढ़ाया। इस दौरान विनेश ने कहा कि यहां की जनता ने पहले कुश्ती में जिताया था और अब चुनाव में भी जिताएगी। बता दें कि विनेश पिछले सप्ताह ही कांग्रेस में शामिल हुई थीं और जुलाना से चुनाव लड़ रही हैं।
जनता हमें चुनाव जिताएगी
विनेश ने कहा, इन लोगों ने हमें कुश्ती में जिताया है और वे हमें (हरियाणा चुनाव में) जितवाएंगे। भगवान और बड़ों के बिना हम कभी कुछ नहीं कर पाए। आज भी मैं उनके बिना कुछ भी नहीं हूं, मैं उनके आशीर्वाद से ही आगे बढ़ूंगी। मुझे विश्वास है कि जो सही है, वो उसका समर्थन करेंगे, जैसा कि उन्होंने हमेशा किया है।
32 उम्मीदवारों की पहली सूची में विनेश का नाम
कांग्रेस ने शुक्रवार 6 अगस्त को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए 32 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी, जिसमें उनका नाम भी पार्टी उम्मीदवारों में शामिल था। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख एवं भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध में सबसे आगे रहने वाले ओलंपियन पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल होकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी।
8 अगस्त को विनेश जुलाना पहुंचीं
8 अगस्त को विनेश जुलाना पहुंची थीं। यहां खुली छत वाली कार में खड़ी फोगाट ने लोगों का आशीर्वाद लिया। लोग उनकी एक झलक पाने के लिए उनके वाहन के चारों ओर खड़े थे। ढोल की थाप के बीच उनके समर्थकों ने ‘विनेश फोगाट जिंदाबाद’ के नारे लगाये। बृजभूषण शरण सिंह पर एक सवाल का जवाब देते हुए फोगाट ने कहा, बृजभूषण देश नहीं हैं। मेरा देश मेरे साथ खड़ा है। मेरे प्रियजन मेरे साथ खड़े हैं और वे मेरे लिए मायने रखते हैं। बृजभूषण ने शनिवार को आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने डब्ल्यूएफआई पर नियंत्रण और भारतीय जनता पार्टी पर हमले की अपनी साजिश में पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया।
जनता के आशीर्वाद से हम हर लड़ाई जीतेंगे
एक सवाल के जवाब में विनेश फोगाट ने कहा, मेरे चाहने वालों ने मेरा साथ दिया। जैसे उन्होंने कुश्ती में (उनके खेल करियर के दौरान) जीत सुनिश्चित की, वैसे ही वे यहां (चुनावी मुकाबले में) भी अपना आशीर्वाद जारी रखेंगे और उनके आशीर्वाद से हम हर लड़ाई जीतेंगे। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ओलंपिक पदक न मिलने का दर्द उसी दिन कम हो गया था, जब देश के नागरिकों ने हवाई अड्डे पर उतरते ही उन पर अपना प्यार बरसाया था। उन्होंने कहा कि मुझे उनका (लोगों का) दर्द कम करना है और यह मेरी जिम्मेदारी है। मैं 30 साल की हूं और मैंने कई चुनौतियों का सामना किया है। जब लोग आपके साथ हों तो आप किसी भी चुनौती से पार पा सकते हैं।
