Loksabha Polls 2024: साल 2024 के आम चुनाव (Lok Sabha Polls 2023) से पहले विपक्षी खेमे में एकजुटता के प्रयास तेजी से होने लगे हैं। बुधवार (12 अप्रैल, 2023) को इसकी बानगी दिल्ली में देखने को मिली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सूबे के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव देश की राजधानी में दोपहर को कांग्रेस के पूर्व चीफ राहुल गांधी और मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिले। इन सबके बीच कुछ देर गहन मंथन भी हुआ, जिसके बाद सभी नेताओं ने बाहर आकर मीडिया को संबोधित किया।
गांधी ने इस दौरान विपक्षी एकजुटता से जुड़ा अपना ब्लू प्रिंट (प्लान) बताया। कहा, "यह विचारधारा की लड़ाई है। जो भी हमारे साथ आएगा, हम उसे साथ लेकर आगे चलेंगे।" खड़गे ने कहा कि हम लोग सभी को एकजुट करेंगे। हमें भविष्य में मिलकर लड़ना है। यह हमारा विपक्ष को एक करने की दिशा में कदम है। रोचक बात है कि मीडिया की ओर से जब विपक्षी नेताओं से पूछा गया कि आखिरकार नेतृत्व कौन करेगा? इस पर स्पष्ट जवाब तो नहीं आया। हां, राहुल और नीतीश थोड़ा सकपकाए से जरूर दिखे।
आगे स्थिति संभालते हुए खड़गे ने "थैंक्यू-थैंक्यू" कहकर सवाल को टालने का प्रयास किया, मगर जिस तरह उस समय राहुल-नीतीश ने हाथ जोड़े थे उससे सियासी गलियारों में समझा जा रहा है कि वे इस प्रश्न के लिए रेडी नहीं थे। वैसे, दोनों सियासी दिग्गजों ने यह जरूर बताया कि यह ऐतिहासिक मीटिंग थी। आगामी समय में वे लोग देश के सभी विपक्षी दलों को साथ लाने के सार्थक प्रयास करेंगे।
दिल्ली में हुई बैठक को लेकर अंदाजा लगाया गया कि खड़गे के आवास पर हुई मीटिंग में देश के मौजूदा सियासी हालात और अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्षी दलों को एकजुट करने के संदर्भ में चर्चा की गई। बैठक में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, जदयू अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार सरकार के मंत्री संजय झा भी थे। वैसे, कुछ रोज पहले खड़गे ने कुमार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और शिवसेना (यूबीटी) के चीफ उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की थी।
दरअसल, जनता दल (यूनाइटेड) के टॉप नेता नीतीश कुमार पूर्व में कई दफा कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए हाथ मिलाने की सलाह दे चुके हैं। उन्होंने इसी साल फरवरी में इस बात पर जोर भी दिया था कि अगर कांग्रेस के साथ सभी विपक्षी दल 2024 का लोकसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ते हैं, तो भाजपा 100 सीट से कम सीट पर सिमट जाएगी।
