इलेक्शन

पानीहाटी विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2026: दर्द बनी दुआ! RG कर पीड़िता की मां पर जनता ने जताया भरोसा; 28836 वोटों से रत्ना देबनाथ जीतीं

पानीहाटी उत्तर 24 परगना बंगाल चुनाव परिणाम 2026 न्यूज़ (Panihati se kaun Jeet Raha hai) LIVE Updates: पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों पर गिनती जारी है। इस बीच उत्तर 24 परगना की पानीहाटी विधानसभा सीट से बड़ी खबर सामने आई है। यहां से भाजपा की प्रत्याशी और RG कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने जीत हासिल कर ली है।

Image

पानीहाटी विधानसभा सीट परिणाम।

पानीहाटी विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 LIVE Updates : पानीहाटी सीट पर आरजीकर केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने जीत हासिल कर ली है। उन्होंने 87977 वोट हासिल करते हुए 28836 वोटों से टीएमसी के तीर्थंकर घोष को मात दी। टीएमसी प्रत्याशी को 59141 वोट मिले। वहीं सीपीआईएम प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे।

पनिहाटी विधानसभा क्षेत्र से जीत के बाद रत्ना देबनाथ ने कहा कि यह जीत पनिहाटी की जनता की,पूरे बंगाल की जीत है। मैं यह जीत प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित करती हूं। मैं जनता को घोष परिवार के कुशासन से मुक्त कराने में सफल रही हूं, जिसके लिए मैं जनता का आभार व्यक्त करती हूं; यह मैं अकेले नहीं कर सकती थी। यह जीत पनिहाटी की जनता के कारण ही संभव हुई है।

ऐसा है सीट का गुणा-गणित

कोलकाता महानगर क्षेत्र से सटा पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र उत्तर 24 परगना जिले की अहम शहरी सीटों में गिना जाता है। यह दमदम लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और पानीहाटी नगर पालिका के 29 वार्डों (वार्ड नंबर 1 से 14, 16, 17, और 22 से 34 से मिलकर बना है। पानीहाटी सीट का गठन 1967 में परिसीमन के बाद हुआ। शुरुआती दशकों में यह क्षेत्र वामपंथी राजनीति का मजबूत गढ़ माना जाता था। सीपीआई(एम) ने यहां लंबे समय तक दबदबा बनाए रखा और कई चुनाव अपने नाम किए। बाद में राज्य की राजनीति बदलने के साथ तृणमूल कांग्रेस ने यहां मजबूत पैठ बनाई और 2011 के बाद लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां से टीएमसी के निर्मल घोष ने जीत हासिल की थी। उस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सन्मय बंदोपाध्याय दूसरे नंबर पर रहे थे।

भाजपा जो पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रही थी, वो इस बार यहां कुछ खास करना चाहती थी। अपनी इसी रणनीति के तहत भाजपा ने यहां से आरजीकर हॉस्पिटल रेप केस की विक्टिम की मां को टिकट दिया था। वहीं, कांग्रेस ने यहां से सुभाशीष भट्टाचार्य, और सीपीआईएम ने कलातन दासगुप्ता को टिकट दिया है।

शहरी-औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है जीत

देबनाथ की यह बढ़त शहरी-औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है, जिसे मुख्य रूप से आरजी कर मामले से जुड़ी जनभावनाओं ने बल दिया। उनका चुनाव प्रचार बेहद व्यक्तिगत था,जो महिलाओं की सुरक्षा और न्यायिक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर केंद्रित था। चुनाव के दौरान,उनको प्रतिद्वंद्वी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा उत्पीड़न और धमकियां भी दी गईं। इससे उनके पक्ष में "मौन मतदान" को और बल मिला।

देबनाथ की बढ़त भाजपा के लिए सिर्फ एक सीट का लाभ नहीं है,यह 2026 में टीएमसी की रणनीतिक विफलताओं को उजागर करती है। ममता बनर्जी का सबसे वफादार मतदाता आधार ऐतिहासिक रूप से महिलाएं रही हैं। देबनाथ की उम्मीदवारी ने इस जनसांख्यिकी में एक बड़ा विभाजन पैदा कर दिया। पनिहाटी जैसे शहरी इलाकों में, महिला वोट लक्ष्मी भंडार योजना से हटकर अभया के लिए न्याय आंदोलन की ओर मुड़ गया,जिससे टीएमसी का सबसे विश्वसनीय हथियार प्रभावी रूप से छिन गया।

वहीं, जहां ममता बनर्जी ने अपनी "स्ट्रीट फाइटर" छवि और लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा जताया, वहीं भाजपा द्वारा पीड़िता की मां को मैदान में उतारने के फैसले ने चुनाव को "आम नागरिक" और "संस्थागत उदासीनता" के बीच एक नैतिक लड़ाई के रूप में सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया।

Shiv Shukla
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

End of Article