West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में दूसरे और आखिरी चरण के लिए बुधवार को हो रही वोटिंग के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग (Election Commission) और केंद्रीय बलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षक और सीआरपीएफ के जवान लोगों को पीट रहे हैं। उन्होंने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय बल आम लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं, जो लोकतंत्र का दमन करने के समान है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, भवानीपुर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रत्याशी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा, ''सीआरपीएफ जवानों और केंद्रीय पर्यवेक्षकों द्वारा लोगों के साथ मारपीट की जा रही है तथा महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा गया।'' उन्होंने कहा कि बीती रात से अत्याचार शुरू हो गए हैं और उनके कई समर्थकों को हिरासत में लिया गया है।
CRPF पर बरसीं ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा कि सीआरपीएफ ने हमारे कई लोगों को हिरासत में लिया है। उन्होंने इसे अदालत की अवमानना बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा लोकतंत्र कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा, ''तृणमूल जीत रही है... सीआरपीएफ इस तरह जुल्म नहीं कर सकती है। किसी भी बूथ पर राज्य पुलिस मौजूद नहीं है और सब कुछ केंद्रीय बलों ने अपने कब्जे में ले लिया है।''
सीमा की सुरक्षा करें केंद्रीय बल
इस दौरान, ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें सीमा की सुरक्षा करनी चाहिए, लेकिन ऐसा करने के बजाय, केंद्रीय बल एक राजनीतिक दल की मदद कर रहे हैं। मैंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा। मैं 1984 से चुनाव लड़ रही हूं, लेकिन यह जुल्म बहुत भयानक हैं।
'चुनाव में धांधली की कोशिश कर रही भाजपा'
इससे पहले, ममता बनर्जी ने भाजपा पर चुनाव में 'धांधली' करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि केंद्रीय बल तथा चुनाव पर्यवेक्षक भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह तृणमूल के खिलाफ जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
