Mainpuri By-Polls यादव फैमिली के लिए ‘अस्मिता’ की लड़ाई, Dimple Yadav के लिए जीत की राह नहीं आसान; समझें- कैसे?

Mainpuri By-Polls 2022: मुलायम सिंह यादव का 10 अक्टूबर को निधन हो गया और उनके निधन के बाद हो रहे मैनपुरी उपचुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को 10 नवंबर को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया गया। उपचुनाव के लिए पांच दिसंबर को मतदान और आठ दिसंबर को मतगणना होगी।

Updated Nov 28, 2022 | 04:58 PM IST

Breaking News    Dimple Yadav        Hindi News
Mainpuri By-Polls 2022: मैनपुरी संसदीय सीट पर उपचुनाव में दिवंगत मुलायम सिंह यादव की बहू और सपा कैंडिडेट डिंपल यादव के लिए जीत की राह आसान नहीं है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस सीट पर यादव फैमिली के लिए ‘अस्मिता’ की लड़ाई है, पर ससुर के मुकाबले डिंपल के लिए जीत सरल नहीं है। वैसे, कई लोगों का कहना है कि सपा संस्थापक के निधन के बाद डिंपल जनसहानुभूति के चलते उनकी परंपरा को बरकरार रखेंगी।
कारोबारी धीरेंद्र कुमार गुप्ता ने समाचार एजेंसी ‘पीटीआई-भाषा’ को इस बारे में बताया, ‘‘डिंपल के लिए उपचुनाव आसान नहीं होगा। भाजपा, सपा से सीट छीनने की पूरी कोशिश में है। बड़ी संख्या में भाजपा नेता पहले से ही शहर में डेरा डाले हुए हैं। हालांकि, भाजपा के लिए राह आसान नहीं होगी क्योंकि उसके उम्मीदवार रघुराज सिंह शाक्य औपचारिकता के तौर पर मतदाताओं से मिल रहे हैं और उनका अभिवादन कर रहे हैं।’’
वह बोले कि जब तक भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रचार नहीं करेंगे, शाक्य के लिए जीतना मुश्किल होगा। गुप्ता के अनुसार, ‘‘नेता जी (मुलायम) और उनके बेटे अखिलेश के बीच कोई तुलना नहीं हो सकती, क्योंकि मुलायम हर मतदाता को जानते थे। हालांकि, अखिलेश निर्वाचन क्षेत्र के कमोबेश हर घर में जा रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे उपचुनाव में विजयी होकर उभरें।’’ गुप्ता के मुताबिक, यह उपचुनाव यादव परिवार के लिए ‘अस्मिता’ की जंग है।
इस बीच, होटल व्यवसायी हेमंत पचौरी ने बताया कि यह उपचुनाव ‘नेता जी’ की गैर-मौजूदगी के कारण भाजपा के लिए मैनपुरी में सपा के किले को तोड़ने का सबसे अच्छा मौका है। बकौल पचौरी, ‘‘अगर सपा इस बार सीट हारती है तो यह उनके राजनीतिक ताबूत में आखिरी कील साबित होगी। सत्ता में रहने के दौरान सपा ने शहर में गुंडागर्दी की थी और लोग खुद को परेशान महसूस कर रहे थे। अब नजारा बदल गया है। उपचुनाव में काफी कड़ा मुकाबला है। इस समय, यह कहना मुश्किल है कि कौन जीतेगा या किसके पास बढ़त होगी। इस बार खासकर नेता जी की मौजूदगी नहीं होने से चीजें अलग हैं।’’
पचौरी की मानें तो, ‘‘2019 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से अपने लिए वोट देने का आग्रह करते हुए एक भावनात्मक अपील की थी और उन्होंने लगभग 94,000 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। तब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी उनका समर्थन किया था।’’ पचौरी ने बताया कि 2019 से पहले के चुनावों में नेता जी की जीत का अंतर लाखों में था।
एक अन्य स्थानीय व्यापारी के. के. गुप्ता ने कहा, ‘‘डिंपल यादव के लिए कोई सहानुभूति नहीं है, क्योंकि जब सपा सत्ता में थी तो लोग उसके कुशासन से तंग आ चुके थे।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘राज्य में भाजपा सरकार के सत्ता में आने और अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। तब से अपराध के मामलों में कमी आई है।’’ स्‍थानीय निवासी भूपेंद्र सिंह ने भी सपा के लिए सहानुभूति की लहर से इनकार किया और कहा कि भाजपा उपचुनाव में ‘‘इतिहास रचेगी’’ और यह सीट जीतेगी।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) अब हिंदी में पढ़ें | इलेक्शन (elections News) की खबरों के लिए जुड़े रहे Timesnowhindi.com से | आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए Subscribe करें टाइम्स नाउ नवभारत YouTube चैनल
लेटेस्ट न्यूज

LIC में लगा आपका पैसा कितना सुरक्षित है? जानिए अडानी ग्रुप में कितनी लगी है इसकी रकम

LIC

Budget session: आज से संसद का बजट सत्र, आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगी सरकार, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी राष्ट्रपति

Budget session

जिन शालिग्राम से बनेगी Ayodhya में भगवान राम-सीता की मूर्ति, वो आज नेपाल से पहुंचेंगी गोरखपुर; जानिए क्यों हैं खास

    Ayodhya   -

Jaya Ekadashi 2023 Date, Puja Muhurat: कब है जया एकादशी 2023, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा के नियम और व्रत का पारण समय

Jaya Ekadashi 2023 Date Puja Muhurat     2023

अहम बैठक के लिए अमेरिका में NSA अजीत डोभाल, भारत-अमेरिका रिश्ते को नया आयाम देगा ICET

      NSA   -      ICET

SBI New Rules 2023: एसबीआई ने सख्त किए नियम, इन दस्तावेजों के बिना नहीं कर सकेंगे Transaction

SBI New Rules 2023             Transaction

Bihar: नीतीश का विरोध कुशवाहा को पड़ा महंगा? काफिले पर हुआ हमला; दो गुटों में जमकर हुई मारपीट

Bihar

Aaj Ki Taza Khabar, 31 जनवरी, 2023: संसद में आज पेश होगा इकोनॉमिक सर्वे, जानें देश और दुनिया की ताजा खबरें

Aaj Ki Taza Khabar 31  2023
आर्टिकल की समाप्ति

© 2023 Bennett, Coleman & Company Limited