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Maharashtra Elections: महायुति में बस 10 सीटों पर फंसा पेंच, 278 उम्मीदवारों का दिल्ली में हुआ फैसला

Maharashtra Assembly Election: महायुति में अब तक भाजपा ने 99, शिवसेना ने 40 और राकांपा ने 38 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है। भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से 278 सीटों में उम्मीदवारों के टिकट वितरण को अंतिम रूप दे दिया है। शेष 10 सीटों पर भी जल्द उम्मीदवार तय कर लिए जाएंगे।

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एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस।

Photo : Twitter

Maharashtra Assembly Election: महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए महायुति की तीनों पार्टियों के बीच सीट बंटवारे का पेंच लगभग सुलझा लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, 288 में से अब तक 10 सीटों पर प्रत्याशी तय करने बाकी रह गए हैं। यह जानकारी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री व भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने दी। उन्होंने कहा, 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए महायुति ने राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से 278 सीटों में उम्मीदवारों के टिकट वितरण को अंतिम रूप दे दिया है।

नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिरकत करने के बाद नागपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि शेष 10 सीटों पर अगले कुछ दिनों में फैसला कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, हमने 278 सीटों पर फैसला कर लिया है।

जल्द होगा सीटों का ऐलान

देवेंद्र फडणवीस ने कहा, दिल्ली में हमारी बैठक काफी सकारात्मक रही। जिन सीटों पर फैसला हो चुका है, उन पर उम्मीदवारों का ऐलान जल्द ही कर दिया जाएगा।बता दें महायुति में अब तक भाजपा ने 99, शिवसेना ने 40 और राकांपा ने 38 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है। महायुति में भाजपा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल है। एक सूची शुक्रवार को भी आने की संभावना है।

20 नवंबर को होना है चुनाव

बता दें, महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। चुनाव आयोग के मुताबिक, नतीजे 23 नवंबर को घोषित होंगे। पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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