Controversial MPs Not in BJP's First candidate list: भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को आगामी लोकसभा चुनावों (Lok Sabha elections 2024) के लिए 195 उम्मीदवारों के नामों के साथ अपनी पहली सूची ( bjp first list lok sabha elections 2024) जारी करते हुए 33 मौजूदा सांसदों के स्थान पर नए चेहरों को शामिल किया। इसे भाजपा आलाकमान के विवादास्पद नेताओं (bjp controversial mp) के लिए एक संदेश के रूप में देखा जा सकता है, जिसमें दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री और हज़ारीबाग़ के सांसद जयंत सिन्हा, भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कई उल्लेखनीय हस्तियां शामिल हैं।
वहीं संसद में कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने वाले दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी का नाम पार्टी के उम्मीदवारों की पहली सूची से गायब है।भाजपा ने दिल्ली में लोकसभा सीटों के लिए पांच उम्मीदवारों की घोषणा की, जिनमें से चार मौजूदा सांसदों के स्थान पर हैं। भाजपा ने चांदनी चौक लोकसभा सीट से दो बार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन को हटाकर प्रवीण खंडेलवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है।
BJP First List: सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज नई दिल्ली सीट से उम्मीदवार
पश्चिमी दिल्ली सीट से भाजपा ने दो बार के सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा की जगह कमलजीत सहरावत को टिकट दिया है। दिवंगत भाजपा नेता सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को नई दिल्ली लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है, जो वर्तमान में मीनाक्षी लेखी के पास है। दक्षिणी दिल्ली से भाजपा ने रमेश बिधूड़ी को हटाकर रामवीर सिंह बिधूड़ी को अपना उम्मीदवार बनाया है।
पार्टी उम्मीदवारों के नामों पर हुआ मैराथन मंथन
पिछले दिनों भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी, जिसमें पार्टी उम्मीदवारों के नामों पर मैराथन मंथन किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी भी इस बैठक में शरीक हुए थे। इससे पहले, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, शाह, संगठन महासचिव बी एल संतोष ने विभिन्न राज्यों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर उम्मीदवारों के नामों पर विमर्श किया था।
इस महीने के अंत में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने की उम्मीद
अभी तक लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पार्टी ने इससे पहले ही उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। निर्वाचन आयोग द्वारा इस महीने के अंत में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने की उम्मीद है और चुनाव अप्रैल-मई में होने की संभावना है। पिछले चरण के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा ने यही रणनीति अपनाई थी और बहुत हद तक यह कारगर भी रही थी।
