इलेक्शन

लालू यादव ने बिहार के लोगों से की अपील, तेजस्वी यादव को बनाएं अगला मुख्यमंत्री; कही ये बड़ी बातें

Bihar Politics: बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस सवाल का जवाब इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मिल जाएगा। इसी बीच लालू प्रसाद यादव ने लोगों से अपील करते हुए ये कहा है कि अगले बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को वोट दें, तेजस्वी यादव को अगला मुख्यमंत्री बनाएं।

Image

लालू यादव।

Lalu Yadav on Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद ने बुधवार को बिहार के लोगों से इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को वोट देने का आग्रह किया, ताकि उनके बेटे और उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव अगले 'मुख्यमंत्री' के रूप में अपने वादों को पूरा कर सकें। पूर्व मुख्यमंत्री प्रसाद ने नालंदा जिले में एक समारोह में यह बयान दिया। यह जिला उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी और वर्तमान में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है।

महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 2,500 रुपये भेजने का वादा

राजद सुप्रीमो ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में राजद को वोट दें ताकि तेजस्वी यादव राज्य के मुख्यमंत्री बन सकें और पार्टी के वादों को पूरा कर सकें। उनका कहना था कि तेजस्वी को राज्य और देश के हित के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। लालू ने कहा कि अगर आगामी चुनाव में राजद सत्ता में आता है, तो राज्य सरकार महिलाओं के बैंक खातों में 2,500 रुपये प्रति माह भेजेगी।

'लोगों के लिए 200 यूनिट बिजली मुफ्त कर दी जाएगी'

राजद सुप्रीमो ने कहा कि इसके अलावा, राज्य के लोगों के लिए 200 यूनिट बिजली मुफ्त कर दी जाएगी। युवाओं को रोजगार और नौकरी मुहैया करायी जाएगी क्योंकि ‘हम जो बोलते हैं, वह करते हैं।’ लालू ने कहा, 'मैंने कभी किसी के सामने सिर नहीं झुकाया और न ही मेरी पार्टी के कार्यकर्ता किसी के सामने झुकेंगे।'

विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने हाल में घोषणा की थी कि उनकी पार्टी "भाई-बहन योजना" शुरू करेगी, जिसके तहत सरकार महिलाओं के बैंक खातों में 2,500 रुपये प्रति माह भेजेगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article