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Bihar Chunav, VIP प्रत्याशी : छपरा में खेसारी लाल यादव का सियासी टेस्ट, क्या BJP का किला भेद पाएंगे भोजपुरी स्टार?

छपरा सीट पर जातीय समीकरण की बात की जाए तो शहरी क्षेत्र में वैश्य मतदाताओं की भूमिका जीत में निर्णायक और अहम होती है। यही कारण है कि भाजपा वैश्य उम्मीदवारों पर ही अपना दांव लगाती है, जबकि विधानसभा सीट से पिछले दो टर्म से वैश्य विधायक डॉ सी एन गुप्ता काबिज हैं। वहीं भाजपा ने इस बार डॉ सी एन गुप्ता को उम्र ज्यादा होने के कारण उनकी जगह पर वैश्य उम्मीदवार छोटी कुमारी को ही उतारा है।

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छपरा सीट से राजद उम्मीदवार हैं खेसारी लाल यादव।

Chapra Assembly seat : बिहार का छपरा निर्वाचन क्षेत्र हॉट सीट में शामिल है। इस बार इस सीट से भोजपुरी स्टार एवं गायक खेसारी लाल यादव यहां से राजद (महागठबंधन) के उम्मीदवार हैं। इस इलाके में खेसारी की लोकप्रियता काफी ज्यादा है। राजद इस बार खेसारी की लोकप्रियता का फायदा उठाकर यह सीट भाजपा से छीनने की कोशिश में है। पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा विजयी हुई। इस बार पार्टी ने छोटी कुमारी को टिकट दिया है जो कि वैश्व समुदाय से आती हैं। तो प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने इस सीट पर पूर्व एडीजी शिमला जय प्रकाश सिंह को टिकट दिया है। इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।

10 में से 7 सीटों पर राजद का कब्जा

सारण में विधानसभा की 10 सीटें मांझी,एकमा,बनियापुर, तरैया, मढ़ौरा, छपरा, गरखा, अमनौर, परसा और सोनपुर हैं। 10 में 7 सीटों पर महागठबंधन का कब्जा है, जबकि तीन सीट बीजेपी के खाते में है। सारण जिले के दो संसदीय क्षेत्र और दोनों पर भाजपा का कब्जा है जिसमें सारण लोकसभा सीट पर राजीव प्रताप रूडी और महाराजगंज लोकसभा सीट पर भाजपा के ही जनार्दन सिंह सिग्रीवाल तीन-तीन बार चुनाव जीत चुके हैं और वर्तमान में सांसद हैं।

छपरा विधानसभा में सबसे ज्यादा राजपूत मतदाता

अगर सारण जिले की जातीय समीकरण की बात की जाए तो छपरा विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण में सबसे ज्यादा राजपूत मतदाता 58000, यादव मतदाता 50000, मुस्लिम मतदाता 33000, वैश्य मतदाता 51000, कोरी मतदाता 22000, रविदास मतदाता 21000, ब्राह्मण मतदाता 14000, कुर्मी मतदाता 13000, भूमिहार मतदाता 9000 और पासवान मतदाता भी 9000 के करीब है.

राखी गुप्ता को भाजपा ने टिकट नहीं दिया

यहां पर अगर जातीय समीकरण की बात की जाए तो छपरा शहरी क्षेत्र में वैश्य मतदाताओं की भूमिका जीत में निर्णायक और अहम होती है। यही कारण है कि भाजपा वैश्य उम्मीदवारों पर ही अपना दांव लगाती है, जबकि विधानसभा सीट से पिछले दो टर्म से वैश्य विधायक डॉ सी एन गुप्ता काबिज हैं। वहीं भाजपा ने इस बार डॉ सी एन गुप्ता को उम्र ज्यादा होने के कारण उनकी जगह पर वैश्य उम्मीदवार छोटी कुमारी को ही उतारा है। हालांकि सीट पर छपरा की पूर्व मेयर राखी गुप्ता भाजपा उम्मीदवार के रूप में प्रबल दावेदार थी, लेकिन भाजपा ने उनकी अनदेखी करके टिकट छोटी कुमारी को थमा दिया। भाजपा की इस सीट से प्रबल दावेदार राखी गुप्ता थीं, उनको टिकट न देकर भाजपा ने छोटी कुमारी को टिकट दे दिया। इससे वह बगावती तेवर में आ गई और उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन कर दिया है।

चतुष्कोणीय मुकाबला

हालांकि छपरा सीट पर इस बार चतुष्कोणीय मुकाबला दिखाई दे रहा है. क्योंकि भाजपा ने छोटी कुमारी को राजद ने शत्रुघ्न कुमार और खेसारी लाल यादव को और जनसुराज ने पूर्व एडीजी शिमला जय प्रकाश सिंह जोकि बीआरएस लेकर चुनाव मैदान में उतरे हैं, को मैदान में उतारा है। वह भी काफी मेहनत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। खेसारी लाल यादव इस परंपरा को तोड़ते हुए अपनी लोकप्रियता और आरजेडी के मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण के सहारे मैदान में हैं। पिछली दो बार से भाजपा की पकड़ वाली इस सीट पर अब मुकाबला त्रिकोणीय हो चुका है।

2020 में बीजेपी के डॉ. सी एन गुप्ता यहां से जीते

भाजपा ने इस बार अपने पुराने चेहरे को बदलकर छोटी कुमारी को मैदान में उतारा है, जो बनिया समाज से आती हैं। लेकिन पार्टी के लिए मुश्किल यह है कि राखी गुप्ता, जो कभी नगर परिषद की मेयर रह चुकी हैं बागी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। बनिया वोटों के बिखरने का खतरा भाजपा को अंदर से परेशान कर रहा है। 1957 में हुए पहले चुनाव में यहां कांग्रेस के राम प्रभुनाथ सिंह ने चुनाव जीता था। 2020 में बीजेपी के डॉ. सी एन गुप्ता यहां से लगातार दूसरी बार विधायक बने।

जनसंख्या के आधार पर, छपरा में हिंदू समुदाय 81.45 प्रतिशत और मुस्लिम समुदाय 18.11 प्रतिशत है। साक्षरता दर 81.30 प्रतिशत है। अनुसूचित जाति के मतदाता लगभग 11.14 प्रतिशत और मुस्लिम मतदाता लगभग 12.2 प्रतिशत हैं। 2020 विधानसभा चुनाव में छपरा में 3,30,176 पंजीकृत मतदाता थे, जिसमें मतदान प्रतिशत 51.09 था। 2024 के लोकसभा चुनावों तक यह संख्या बढ़कर 3,36,354 हो गई।

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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