Karnataka Sringeri Poll Recount: कर्नाटक की श्रृंगेरी विधानसभा सीट से 2023 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में हार का सामना करने वाले डी. एन. जीवराज को अब पुनर्गणना के बाद विधायक घोषित कर दिया गया है। यह फैसला रिटर्निंग अधिकारी ने पोस्टल बैलेट की दोबारा जांच और पुनर्गणना के बाद सुनाया, जो हाईकोर्ट के आदेश के तहत की गई थी। पोस्टल बैलेट की पुनर्सत्यापन प्रक्रिया में कांग्रेस उम्मीदवार टी. डी. राजे गौड़ा के पक्ष में पड़े वोटों में 255 मतों की कमी पाई गई। राजे गौड़ा मई 2023 से अब तक इस सीट से विधायक थे। जीवराज को विजयी घोषित किए जाने के बाद अब टी. डी. राजे गौड़ा की विधायक सदस्यता समाप्त मानी जाएगी।
मतों की पुनः जांच और पुनर्गणना
कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर डी. एन. जीवराज द्वारा दायर चुनाव याचिका की सुनवाई के बाद श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र के मतों की पुनः जांच और पुनर्गणना शनिवार को की गई, जो देर रात तक जारी रही। यह याचिका कांग्रेस उम्मीदवार टी. डी. राजे गौड़ा के निर्वाचन को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में राजे गौड़ा ने श्रृंगेरी सीट से केवल 201 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। पुनर्गणना के बाद परिणामों में बदलाव सामने आया।
डी. एन. जीवराज को विजेता घोषित किया गया
रविवार देर रात जारी आधिकारिक घोषणा में रिटर्निंग अधिकारी ने कहा कि “कर्नाटक राज्य की 123-श्रींगरी विधानसभा सीट के लिए, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 66 तथा चुनाव संचालन नियम 1961 के नियम 64 के तहत, मैं घोषित करता हूं कि भारतीय जनता पार्टी समर्थित उम्मीदवार डी. एन. जीवराज को विधिवत रूप से विजेता घोषित किया जाता है और उन्हें विधानसभा की यह सीट प्रदान की जाती है।” इस फैसले के साथ अब डी. एन. जीवराज को विधायक माना जाएगा।
255 वोटों का अंतर सामने आया
6 अप्रैल को हाईकोर्ट ने पोस्टल बैलेट की दोबारा जांच और पुनर्गणना के आदेश दिए थे। इस आदेश के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, यह जानकारी रिटर्निंग अधिकारी गौरव कुमार शेट्टी ने शनिवार देर रात पहले ही दी थी। उन्होंने बताया कि 2023 की मतगणना में डी. एन. जीवराज को 692 वोट मिले थे, जबकि टी. डी. राजे गौड़ा को 569 वोट प्राप्त हुए थे। लेकिन पुनर्सत्यापन और पुनर्गणना के बाद जीवराज के वैध वोट घटकर 690 रह गए, यानी दो वोट कम हो गए। वहीं दूसरी ओर, राजे गौड़ा के वोटों में बड़ा बदलाव देखने को मिला और उनके मत घटकर 314 रह गए, जिससे 255 वोटों का अंतर सामने आया।
टी. डी. राजे गौड़ा ने कही ये बात
रविवार को भाजपा ने मांग की थी कि रिटर्निंग अधिकारी तुरंत पुनर्गणना के परिणाम घोषित करें और डी. एन. जीवराज को विधायक घोषित किया जाए। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार टी. डी. राजे गौड़ा ने मतों में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए डी. एन. जीवराज समेत अन्य लोगों के खिलाफ विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनके पक्ष में पड़े मतपत्रों पर निशान पाए गए हैं और उनमें अलग स्याही का इस्तेमाल किया गया है, जो स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। राजे गौड़ा के अनुसार, 2023 की मतगणना के दौरान सभी राजनीतिक दलों के गणना एजेंटों की मौजूदगी में इन मतों को वैध माना गया था, लेकिन अब उन्हीं मतों को अमान्य घोषित कर दिया गया है, जिससे उनके कुल वोटों में कमी दर्ज की गई है।
255 मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ की गई
बाद में 2023 विधानसभा चुनाव में राजे गौड़ा के मतगणना एजेंट रहे सुधीर कुमार मुरोली ने चिक्कमगलुरु टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि राजे गौड़ा के पक्ष में पड़े 255 मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की जाए और पूर्व चुनाव अधिकारी वेदमूर्ति, डी. एन. जीवराज तथा पूर्व उपायुक्त के. एन. रमेश के खिलाफ भी जांच की जाए। इससे पहले शनिवार को राजे गौड़ा और उनके समर्थकों ने यह दावा करते हुए जश्न भी मनाया था कि पुनर्गणना के नतीजे उनके पक्ष में आए हैं।
