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बिहार चुनाव के लिए जेपी नड्डा ने कसी कमर, शुरू किया बैठकों का दौर; इन दिग्गजों संग मिलकर बनाया प्लान

बिहार में विधानसभा चुनाव इसी साल होने हैं। इस बीच भाजपा ने अपनी कमर कस ली है। खुद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ना मोर्चा संभाल लिया है। नड्डा ने बिहार के भाजपा सांसदों से मुलाकात कर विधानसभा चुनावों पर चर्चा की। नड्डा समेत तमाम भाजपा के दिग्गजों ने चुनावी प्लान तैयार करना तेज कर दिया है। आपको इससे जुड़ी खास बातें बताते हैं।

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बिहार चुनाव को लेकर एनडीए के दिग्गजों ने कसी अपनी कमर।

BJP Plan for Bihar Election: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के नेताओं की बैठकों का सिलसिला तेज हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने खुद अपने कंधों पर जिम्मेदारी उठा ली है और वो चुनावी प्लान तैयार करने में जुटे हुए हैं। भाजपा सांसद और बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के आवास पर भाजपा नेताओं की बैठक बुलाई गई। जिसमें खुद जेपी नड्डा, विनोद तावड़े समेत भाजपा और एनडीए के मुख्य नेता शामिल हुए।

बिहार चुनाव को लेकर भाजपा के दिग्गजों ने कसी अपनी कमर

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने बिहार के सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों से मुलाकात की और राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों पर विचार-विमर्श किया। भाजपा सांसद संजय जायसवाल द्वारा आयोजित ‘स्नेह मिलन’ में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी, जनता दल (यूनाइटेड) के संजय झा समेत राज्य के अधिकांश सांसद शामिल हुए।

चुनावी रणनीति बनाने के लिए अमित शाह करेंगे मुलाकात

बैठक में जद (यू) सांसद एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह सत्तारूढ़ गठबंधन की रणनीति को और बेहतर बनाने के लिए इस महीने के अंत में बिहार का दौरा कर सकते हैं और इसके नेताओं से मुलाकात करेंगे।

भाजपा नेता संजय जायसवाल के आवास पर बैठक बुलाई गई। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े, बिहार के दोनों डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल हुए। इस दौरान बिहार चुनाव को लेकर रणनीतियों पर चर्चा की गई। साथ ही चुनावी तैयारियों की समीक्षा हुई।

चुनावी दिशा-निर्देश और एनडीए की रणनीति पर हुई बात

बताया जा रहा है कि भाजपा के प्रमुख नेता इस बैठक के माध्यम से चुनावी दिशा-निर्देश दिए और बिहार में एनडीए के चुनावी प्रचार को गति देने की योजना पर चर्चा हुई।

बिहार में इसी साल होना है विधानसभा चुनाव, तैयारियां तेज

बता दें कि इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर नेता तैयारी में जुट गए हैं। एनडीए का कहना है कि इस बार भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार चुनाव लड़ा जाएगा। हाल ही में मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमारे नेता हैं और जाहिर है कि हम उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। इसलिए किसी को मन में कोई शंका नहीं रखनी चाहिए।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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