jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव में अजीब ही खेल देखने को मिल रहा है। पाला ऐसे-ऐसे नेता बदल रहे हैं, जिनके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है। 10 साल पहले जिस लुईस मरांडी ने हेमंत सोरेन को हराया था, बीजेपी को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी, वो अब झामुमो से ही मैदान में है और हेमंत सोरेन को जिताने की कोशिश में लगी है। ऐसा नहीं है कि झटका सिर्फ बीजेपी को लगा है, जो चंपई सोरेन झामुमो के बड़े नेता थे, हेमंत के खास थे, हेमंत के जेल जाने के बाद सीएम बने थे, वो अब बीजेपी में हैं।
टिकट न मिलने के बाद भाजपा से दिया था इस्तीफा
झामुमो ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पांचवीं सूची जारी की और पूर्व भाजपा विधायक लुईस मरांडी को जामा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया। सूची में केवल मरांडी का नाम है, जो 22 अक्टूबर को भाजपा छोड़कर झामुमो में शामिल हुई थीं। टिकट न मिलने के बाद उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी और 21 अक्टूबर को दो अन्य पूर्व विधायकों- कुणाल सारंगी तथा लक्ष्मण टुडू के साथ झामुमो में शामिल हो गई थीं।
2014 में झामुमो के गढ़ से मिली थी जीत
भाजपा की पूर्व विधायक मरांडी ने 2014 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दुमका से 5,262 मतों के अंतर से हराया था। लेकिन 2019 में वह उनसे लगभग 13,000 मतों से हार गईं। वह 2020 का उपचुनाव भी झामुमो के बसंत सोरेन से हार गईं।
झारखंड में किस पार्टी के हिस्से कितनी सीट
‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ रहे हैं। कांग्रेस और झामुमो 81 में से 70 सीट पर लड़ेंगे, जबकि शेष 11 सीट पर राजद और वाम दल चुनाव लड़ेंगे। राजद ने मंगलवार को छह सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा की थी। विपक्ष में, भाजपा 68 सीट पर चुनाव लड़ेगी, जबकि उसकी सहयोगी आजसू पार्टी 10 सीट पर, जनता दल (यूनाइटेड) दो सीट पर और लोजपा (रामविलास) एक सीट पर चुनाव लड़ेगी।
