Home Voting : घर से मतदान करने की सुविधा आगामी पांच राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना एवं मिजोरम के विधानसभा चुनाव में मिलने जा रही है। कर्नाटक में इस सुविधा की सफलता के बाद चुनाव आयोग (EC) इसे लेकर उत्साहित है। पांच राज्यों में करीब 42 लाख वोटर्स (80 साल की उम्र से अधिक एवं विकलांग) इस घर से मतदान कर पाएंगे। इस सुविधा को पहली बार 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में लागू किया गया।
'अब्सेंटी वोटर' को मिलेगी यह सुविधा
कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961 के रूस-27ए के क्लाज में 'अब्सेंटी वोटर' के बारे में बताया गया है। 'अब्सेंटी वोटर' में जरूरी सेवाओं में नियुक्त, 80 साल से अधिक वरिष्ठ नागरिक, विकलांग, कोविड-19 संदिग्ध या प्रभावित लोगों को रखा गया है। इनके पास पोस्टल बैलेट से मतदान करने का विकल्प है।
32,410 वोटर्स की उम्र 100 साल से अधिक
रिपोर्टों में चुनाव आयोग के डाटा के हवाले से कहा गया है कि पांच राज्यों में 80 साल से अधिक एवं विकलांग लोगों की संख्या 42 लाख से अधिक है। यही नहीं इन पांच राज्यों में कम से कम 32,410 वोटर्स ऐसे हैं जिनकी उम्र 100 साल से अधिक है। इसके अलावा 17.34 लाख वोटर्स विकलांग श्रेणी जबकि 24.7 लाख मतदाता 80 साल के ऊपर हैं।
छत्तीसगढ़ में होंगे 2 चरण में चुनाव
चुनाव आयोग ने गत सोमवार को इन पांच राज्यों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। छत्तीसगढ़ में दो चरण में चुनाव संपन्न होंगे। छत्तीसगढ़ को छोड़कर बाकी चार राज्यों में चुनाव एक चरण में कराए जाएंगे। जबकि चुनाव नतीजे तीन दिसंबर को आएंगे।
बिहार चुनाव में पहली बार लागू हुई यह सुविधा
साल 2020 में कोरोना संकट के दौरान मतदाताओं के एक वर्ग को घर से बैलेट पेपर से मतदान करने की सुविधा दी गई है। चुनाव आयोग ने इस प्रयोग को पहली बार बिहार विधानसभा चुनाव में लागू किया। साल 2021 में हुए विधानसभा चुनावों में भी इस सुविधा को जारी रखा गया। दिसंबर 2022 में गुजरात विधानसभा चुनावों में भी लोगों को घर से मतदान की सुविधा मिली। बुजुर्गों ने इस सुविधा को काफी पसंद किया।
