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Haryana Lok Sabha Election 2024 Phase Wise Voting Date: हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों पर चुनाव कब? किस दिन मतदान...यहां जानें सबकुछ

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 16, 2024, 07:36 PM IST

Haryana Lok Sabha Election 2024 Phase Wise Voting Date: 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर का जादू देखने को मिला था और बीजेपी ने 10 की 10 सीटें अपने नाम की थीं। वहीं, कांग्रेस समेत अन्य पार्टियां यहां खाता भी नहीं खोल पाई थीं। इस बाद 25 मई को सभी लोसकभा सीटों पर वोटिंग होगी।

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हरियाणा लोकसभा चुनाव

Photo : Times Now Digital

Haryana Lok Sabha Election 2024 Phase Wise Voting Date: देश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने पूरे देशभर में पारदर्शी चुनाव कराने के लिए लोकसभा चुनाव का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। देश में सात चरणों में मतदान 19 अप्रैल से शुरू होंगे और 1 जून तक वोटिंग जारी रहेगी। 4 जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

हरियाणा में 10 लोकसभा सीटें हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, इन 10 सीटों पर मतदान छठे चरण यानी 25 मई को होंगे। चुनावी नतीजे पूरे देश में एकसाथ 4 जून को घोषित होंगे।

हरियाणा में कितनी सीटें (Haryana Lok Sabha Seat )

अम्बाला (एससी) (Ambala (SC) Loksabha Chunav Date)

कुरूक्षेत्र (Kurukshetra Loksabha Chunav Date)

सिरसा (एससी) (Sirsa (SC) Loksabha Chunav Date)

हिसार (Hisar Loksabha Chunav Date)

करनाल (Karnal Loksabha Chunav Date)

सोनीपत (Sonipat Loksabha Chunav Date)

रोहतक (Rohtak Loksabha Chunav Date)

भिवानी-महेंद्रगढ़ (Bhiwani-Mahendragarh Loksabha Chunav Date)

गुडगांव (Gurgaon Loksabha Chunav Date)

फरीदाबाद (Faridabad Loksabha Chunav Date)

हरियाणा लोकसभा उम्मीदवारों की सूची (Haryana Lok Sabha Candidate List)

लोकसभा सीटबीजेपीकांग्रेस
अम्बाला (एससी)बंतो कटारिया
कुरूक्षेत्र
सिरसा (एससी)अशोक तंवर
हिसार
करनालमनोहर लाल खट्टर
सोनीपत
रोहतक
भिवानी-महेंद्रगढ़चौधरी धरमवीर सिंह
गुडगांवराव इंद्रजीत सिंह यादव
फरीदाबादकृष्णपाल गुर्जर

2019 के चुनाव परिणाम

हरियाणा में लोकसभा की 10 सीटें हैं। यहां भी 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर का जादू देखने को मिला था और बीजेपी ने 10 की 10 सीटें अपने नाम की थीं। वहीं, कांग्रेस समेत अन्य पार्टियां यहां खाता भी नहीं खोल पाई थीं। इस बार भी बीजेपी को हरियाणा में ऐसे ही करिश्में की उम्मीद है। हालांकि, इस बार के समीकरण कुछ और हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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