पीएम मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कहने के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बुरी तरह घिरते दिख रहे हैं। भाजपा के भारी विरोध के बाद अब भारत निर्वाचन आयोग ने मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी का संज्ञान लिया है। साथ कड़ी चेतावनी जारी की है। आयोग ने इस बयान को लेकर भाजपा की शिकायत पर मल्लिकार्जुन खरगे से 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष साफ करने को कहा है।
भाजपा पहुंची थी चुनाव आयोग
इससे पहले, बीते दिन भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया था। भाजपा ने निर्वाचन आयोग को लिखे पत्र में कहा था कि मल्लिकार्जुन खरगे का बयान चुनावी आचार संहिता (Model Code of Conduct) का गंभीर उल्लंघन है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा न सिर्फ राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकती है। भाजपा ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं-175, 171/174 और 356(1) का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह का बयान मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है। इससे कांग्रेस पीएम मोदी की व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने वाला की कोशिश है। साथ ही भाजपा ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान इस तरह की टिप्पणी निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया में बाधा डाल सकती है।
क्या बोले थे मल्लिकार्जुन खरगे?
यह विवाद तब खड़ा हुआ जब तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मल्लिकार्जुन खरगे पत्रकारों से बात कर रहे थे। खरगे ने पेरियार, अंबेडकर और अन्नादुराई के आदर्शों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि भाजपा की नीतियां, विशेष रूप से परिसीमन के संबंध में, न्याय और समानता के सिद्धांतों के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा, “मैं तमिलनाडु के लोगों का भी धन्यवाद करता हूं जिन्होंने हमें सांसद दिए, इसी वजह से हम इस विधेयक के खिलाफ लड़ सके और इसे हरा सके। यह वैज्ञानिक सोच और पेरियार, डॉ. अंबेडकर, अन्नादुरई, महान कामराज और करुणानिधि के आदर्शों की भूमि है। ये लोग महिला आरक्षण, न्याय, समानता और बंधुत्व के लिए खड़े रहे। मोदी इन सिद्धांतों के लिए नहीं हैं और एक बात मैं और कहना चाहता हूँ कि एआईएडीएमके के लोग, जिन्होंने खुद अन्नादुरई की तस्वीर लगाई है, वे मोदी जैसे आतंकवादी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं,जो समानता में विश्वास नहीं करते,उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती और ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।”
बाद में सफाई भी दी
इसके बाद जब उनसे उनके शब्दों के चयन के बारे में पूछा गया, तो खरगे ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करके राजनीतिक विरोधियों को "आतंकित" करते हैं। उन्होंने सफाई देते हुए कहा,'वह (प्रधानमंत्री मोदी) लोगों और राजनीतिक दलों को डरा रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह आतंकवादी हैं...मेरा मतलब यह है कि मोदी हमेशा धमकी देते हैं। ईडी,आईटी और सीबीआई जैसी संस्थाएं उनके इशारों पर चलती हैं।"
