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अमेरिका को भारी पड़ा ईरान से युद्ध, 6 महीने में 3.21 लाख करोड़ रुपये हुए खर्च, दर्जनों एयरक्राफ्ट बर्बाद

पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के कुल खर्च में से 22 अरब डॉलर केवल इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद और मिसाइलों पर खर्च हुए। सैन्य उपकरणों के नुकसान के रूप में लगभग 3.7 अरब डॉलर और अन्य संबंधित गतिविधियों में 7.4 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च हुआ।

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यूएस को भारी पड़ा ईरान युद्ध (AI Image)

US Iran War: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के महानिरीक्षक की एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान के साथ 6 महीने तक चले युद्ध में अमेरिका को भारी वित्तीय और सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने 28 फरवरी से 30 जून के बीच चले इस युद्ध में 33.4 अरब डॉलर (लगभग 3.21 लाख करोड़ रुपये) पानी की तरह बहा दिए। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के कुल खर्च में से 22 अरब डॉलर केवल इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद और मिसाइलों पर खर्च हुए। सैन्य उपकरणों के नुकसान के रूप में लगभग 3.7 अरब डॉलर और अन्य संबंधित गतिविधियों में 7.4 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च हुआ।

लड़ाकू विमानों और ड्रोन का भारी नुकसान

ईरानी हमलों और कॉम्बैट ऑपरेशन्स के दौरान अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के कई प्रमुख विमान और ड्रोन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए।

  • F-15E फाइटर जेट्स: कम से कम 4 F-15E फाइटर जेट नष्ट हुए (जिनमें से 3 को कुवैत के ऊपर फ्रेंडली फायर में गलती से मार गिराया गया था, जबकि 1 ईरान के ऊपर युद्ध में गंवाया गया)।
  • F-35A स्टील्थ फाइटर: मार्च में ईरानी गोलीबारी से कम से कम 1 F-35A स्टील्थ फाइटर क्षतिग्रस्त हुआ।
  • A-10 स्ट्राइक एयरक्राफ्ट: कम से कम 1 A-10 ग्राउंड-अटैक विमान मार गिराया गया।
  • सपोर्ट व रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट: कम से कम 7 KC-135 एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए। सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर 1 E-3 सेंट्री (AWACS) विमान क्षतिग्रस्त हुआ।
  • हेलीकॉप्टर: 1 HH-60W हेलीकॉप्टर, 1 AH-64 अपाचे और 4 AH-6 हेलीकॉप्टर (सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान) नष्ट हुए।
  • MQ-9 रीपर ड्रोन: लगभग 30 MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हुए। इसके अलावा 1 MQ-4C ट्राइटन निगरानी विमान भी गंवाना पड़ा।

खाड़ी देशों में सैकड़ों अमेरिकी सैन्य ठिकाने प्रभावित

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के हमलों में मध्य पूर्व के कई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों के सैकड़ों भवनों और संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा। इन हमलों से प्रभावित देश हैं- कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन। अमेरिकी नौसेना को ठिकानों की आपूर्ति बनाए रखने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। डिगो गार्सिया से लॉजिस्टिक्स शिफ्ट करने के कारण सप्लाई चक्र 14 से 18 दिनों का हो गया था।

राजनयिक परिसरों को 184 मिलियन डॉलर का नुकसान

  • ईरान के हमलों का असर अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों पर भी पड़ा।
  • इराक, कुवैत, सऊदी अरब और UAE में अमेरिकी राजनयिक परिसरों को कुल 184 मिलियन डॉलर का भौतिक नुकसान हुआ।
  • बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास और एरबिल स्थित वाणिज्य दूतावास सहित अमेरिकी मिशनों पर जून के अंत तक 600 से अधिक हमले दर्ज किए गए, जिससे 157 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
  • कुवैत सिटी स्थित अमेरिकी दूतावास को 5 मार्च को सुरक्षा कारणों और हमलों के कारण बंद करना पड़ा (नुकसान ~14.75 मिलियन डॉलर)।
  • रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ईरानी ड्रोनों से हमला हुआ (नुकसान ~11.5 मिलियन डॉलर), वहीं दुबई में अमेरिकी दूतावास की एक इमारत क्षतिग्रस्त हुई।

अमेरिकी सेना के पास गोला-बारूद का संकट

पेंटागन की इस रिपोर्ट ने अमेरिका के 'सामरिक भंडार में कमी' और 'औद्योगिक उत्पादन में रुकावट' को उजागर किया है। यह रिपोर्ट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका के पास गोला-बारूद का असीमित भंडार है और कमी की खबरें फेक न्यूज हैं।

मारे गए कई सैनिक

  • रिपोर्ट के अनुसार, 11 अमेरिकी सैनिक युद्ध की कार्रवाई में मारे गए
  • 7 अन्य सैनिकों की गैर-युद्ध घटनाओं में मौत हुई
  • 30 जून तक ईरानी हमलों में कम से कम 417 सैनिक घायल हुए

ईरान की प्रतिक्रिया

रिपोर्ट सामने आने के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए कहा कि पेंटागन की यह रिपोर्ट साबित करती है कि अमेरिका के दर्जनों विमान और सैकड़ों सैन्य ठिकाने तबाह हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और ईरान जल्द ही इससे जुड़े और विवरण सार्वजनिक करेगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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