महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शरद पवार जब भी जनता के बीच जा रहे हैं, वोट मांग रहे हैं, अपने भतीजे के धोखे को याद दिला रहे हैं। अजित पवार ने शरद पवार को पिछले पांच सालों में दो बार धोखा दिया, पहली बार पिछले चुनाव के तुरंत बाद, लेकिन तब वो वापस लौट आए थे, लेकिन दूसरी बार जब पलटी मारे तो पूरी पार्टी को ही लेकर चले गए, डिप्टी सीएम बन गए। आज शरद पवार दूसरी पार्टी और दूसरे चुनाव चिन्ह के साथ चुनावी मैदान में हैं, भतीजे से मिले धोखे को जनता के सामने रख रहे हैं और वोट मांग रहे हैं।
शरद पवार की भावुक अपील
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में केवल चार दिन शेष रह जाने के बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने मतदाताओं से उन लोगों को खारिज करने का आग्रह किया, जिन्होंने पार्टियों एवं परिवारों को तोड़कर और सामाजिक विभाजन पैदा कर राज्य की शालीन राजनीति को दूषित कर दिया है। शनिवार को मराठी समाचार पत्रों में प्रकाशित एक सार्वजनिक अपील में पवार ने कहा कि राज्य का गौरव बहाल करना समय की मांग है।
'मौजूदा शासक दिल्ली के हाथों के प्यादे'
उन्होंने सत्तारूढ़ दलों (भाजपा, शिवसेना और अपने भतीजे अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा) पर सांप्रदायिक और जातिवादी राजनीति में संलिप्त होने का आरोप लगाया, जबकि कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर है, बेरोजगारी बढ़ रही है और फसलों के लिए उचित मूल्य न मिलने के कारण कृषि संकट बढ़ रहा है। पवार ने कहा कि महाराष्ट्र एक सुसंस्कृत, प्रगतिशील, मजबूत और स्वाभिमानी राज्य है। इसने न केवल राष्ट्र को रास्ता दिखाया, बल्कि संकट के समय उसके साथ खड़ा रहा। हालांकि, मौजूदा शासक दिल्ली के हाथों के प्यादे बन गए हैं। उन्होंने महायुति नेताओं पर राज्य के प्रतीकों जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज, जिनकी प्रतिमा इस साल अगस्त में ढह गई थी तथा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले का अपमान करने पर ‘‘अमादा’’ होने का आरोप लगाया।
