Assembly Elections Result News: मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में किसकी सरकार बनेगी इसका फैसला रविवार को चुनावी मतगणना में हो जाएगा। 3 दिसंबर को सुबह 8 बजे से रुझान आने शुरू हो जाएंगे। वहीं मिजोरम में चुनावी नतीजे एक दिन बाद 4 तारीख को आएगा। नतीजे को लेकर कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से आश्वस्त है कि चार राज्यों में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी, इसे लेकर पार्टी ने अपनी तैयारी भी मुकम्मल कर ली है।
कांग्रेस को सता रहा ऑपरेशन लोटस का डर
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को 2024 लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल की तरह देखा जा रहा है। चुनावी परिणामों से जहां भाजपा को अपनी मौजूदा लोकप्रियता के बारे में पता चलेगा, तो वहीं अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी कांग्रेस का वर्चस्व जनता के बीच बढ़ा या नहीं? ये तस्वीर भी साफ हो जाएगी। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को लगता है कि 2014 लोकसभा चुनाव में जानता ने कांग्रेस को रीजेक्ट किया था, तब से लेकर आज 2023 में पार्टी ने जमीन पर बहुत मेहनत की है, जिसके परिणामस्वरूप इन चारों राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने का पूरा भरोसा है। वहीं कांग्रेस को ऑपरेशन लोटस का भी डर सता रहा है, यही वजह है कि पार्टी ने विधायकों की बाड़ेबदी की पुख्ता तैयारी कर ली है।
मतगणना को लेकर कांग्रेस की खास तैयारी
सभी चुनावी राज्यों के प्रभारियों को अपने-अपने राज्यों में तैनात रहने का आदेश दिया गया है।
- रणदीप सुरजेवाला (भोपाल, मध्य प्रदेश)
- सुखजिंदर सिंह रंधावा (जयपुर, राजस्थान)
- कुमारी शैलजा (रायपुर, छत्तीसगढ़)
- माणिकराव ठाकरे (हैदराबाद, तेलंगाना)
विधायकों की बाड़ेबंदी की तैयारी
वहीं विधानसभा चुनाव से पहले सभी पांच राज्यों में कांग्रेस ने ऑब्जर्वर तैनात किया है, उन्हीं ऑब्जर्वर को 3 दिसंबर को अपने चुनावी राज्यो में रहने के लिए कहा गया है। कांग्रेस पार्टी ने ऑपरेशन लोटस के डर से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधायकों को राज्य से बाहर ले जाने की तैयारी भी की है, कर्नाटक में दो रिसोर्ट बुक करके रखा गया है। पार्टी नेतृत्व ने फरमान जारी किया है कि जीत रहे विधायकों को सर्टिफेट लेने के साथ राज्य की राजधानी में रिपोर्ट करना है।
प्राइवेट जेट और चौपर की तैयारी
कांग्रेस सूत्रों की माने तो राजस्थान और मध्यप्रदेश में जीते विधायकों को दूसरे राज्यों में भेजने के लिए प्राइवेट जेट बुक करके रखा गया है, कहीं न कहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी इस खतरे को भांप रहे हैं, तभी MP के प्रदेश कमिटी, जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं से काउंटिंग सेंटर को छोड़कर न जाने की अपील कर रहे हैं।
