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MP Drop in BJP First List: बड़बोले नेताओं को बाय-बाय...किस राज्य में कितने सांसदों का पत्ता साफ, यहां देखें पूरी लिस्ट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 3, 2024, 08:36 AM IST

MP not in BJP First Candidate List: बीजेपी ने अपनी पहली सूची में स्पष्ट कर दिया है कि बड़बोले, खराब रिपोर्ट कार्ड वाले नेताओं का टिकट काटने में पार्टी संकोच नहीं करेगी। इसके अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों को भी संदेश दिया गया है कि जगह बरकरार रखने के लिए उन्हें जनादेश हासिल करना ही होगा।

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भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की पहली सूची

Photo : Twitter

MP Name not in BJP First Candidate List: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पहली सूची में साफ-साफ यह संदेश दिया है कि बड़बोले और खराब रिपोर्ट कार्ड वाले नेताओं को टिकट नहीं मिलेगा। दूसरा संदेश यह है कि मिशन '400' में जुटी बीजेपी नए चेहरों पर भी दांव खेलने से पीछे नहीं हटेगी। पार्टी ने शनिवार को जारी हुई 195 उम्मीदवारों की सूची में 34 मौजूदा सांसदों का टिकट काटा है और इनके स्थान पर नए चेहरों को मौका दिया गया है।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्रियों को भी यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में अपनी जगह बरकरार रखने के लिए उन्हें जनादेश हासिल करना ही होगा। शायद इसीलिए पहली लिस्ट में 34 मंत्रियों को भी टिकट दिया गया है। इसमें मनसुख मांडविया, सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, भूपेंद्र यादव जैसे नाम शामिल हैं, जो वर्तमान में राज्यसभा के सदस्य हैं। आइए राज्यवार समझते हैं कहां से कितने मौजूदा सांसदों के टिकट कटे और उनकी जगह किस-किस को मिला मौका...

दिल्ली

बीजेपी ने दिल्ली में लोकसभा सीट के लिए पांच उम्मीदवारों की घोषणा की, जिनमें से चार मौजूदा सांसदों के स्थान पर नये चेहरों को मौका दिया गया है। पार्टी ने दो बार के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन को हटाकर प्रवीण खंडेलवाल को चांदनी चौक लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। पश्चिमी दिल्ली सीट से भाजपा ने दो बार के सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा की जगह कमलजीत सहरावत को टिकट दिया है। इसमें भाजपा की दिवंगत नेता सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को नई दिल्ली लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया गया है, जिस पर वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी सांसद हैं। दक्षिणी दिल्ली से भाजपा ने रमेश बिधूड़ी को हटाकर रामवीर सिंह बिधूड़ी को अपना उम्मीदवार बनाया है।

राजस्थान

भाजपा ने राजस्थान में 15 लोकसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। इस लिस्ट में पांच मौजूदा सांसदों की जगह नए चेहरों को शामिल किया गया है। ये उम्मीदवार चुरू, भरतपुर, जालौर, उदयपुर और बांसवाड़ा से चुनाव लड़ेंगे।

PM Modi

PM Modi

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की 11 सीट के लिए भाजपा उम्मीदवारों की सूची में चार चेहरे नये शामिल किए गए हैं। जांजगीर चांपा निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा सांसद गुहाराम अजगल्ले की जगह पार्टी के उम्मीदवार कमलेश जांगड़े चुनाव लड़ेंगे। रायपुर से भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल मैदान में उतरेंगे न कि सुनील कुमार सोनी जिन्होंने 2019 में यह सीट जीती थी। राज्य की महासमुंद सीट से मौजूदा सांसद चुन्नी लाल साहू की जगह भाजपा उम्मीदवार रूप कुमारी चौधरी लोकसभा चुनाव लड़ेंगी। कांकेर (सुरक्षित) सीट पर मौजूदा सांसद मोहन मंडावी की जगह भाजपा उम्मीदवार भोजराज नाग ने ले ली।

गुजरात

भाजपा ने गुजरात की 26 लोकसभा सीट में से 15 के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिये। भाजपा ने राज्य से पांच मौजूदा सांसदों के टिकट काट दिये हैं जबकि केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और परषोत्तम रूपाला को टिकट दिया है। जिन मौजूदा सांसदों के टिकट काटे गए हैं उनमें राजकोट से पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मोहन कुंडारिया, पोरबंदर से रमेश धादुक, अहमदाबाद पश्चिम से किरीट सोलंकी, बनासकांठा से परबत पटेल और पंचमहाल से रतनसिंह राठौड़ शामिल हैं। कुंडारिया के स्थान पर राजकोट से केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला चुनाव लड़ेंगे। रूपाला अमरेली जिले से आते हैं। भावनगर जिले के रहने वाले मांडविया को धादुक के स्थान पर पोरबंदर से मैदान में उतारा गया है। भाजपा ने अहमदाबाद पश्चिम (आरक्षित) सीट पर किरीट सोलंकी की जगह दिनेश मकवाना को टिकट दिया है, जबकि पंचमहाल में मौजूदा सांसद रतनसिंह राठौड़ की जगह राजपालसिंह जाधव को टिकट दिया गया है।

असम

असम की 11 लोकसभा सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनमें से छह उम्मीदवार मौजूदा सांसद हैं जबकि अन्य पांच नए चेहरे हैं। पार्टी ने परिमल शुक्लाबैद्य को सिलचर लोकसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा है, जहां 2019 के आम चुनाव में राजदीप रॉय ने जीत हासिल की थी। स्वायत्त जिला (सुरक्षित) सीट से पार्टी के उम्मीदवार अमर सिंह टिसो चुनाव लड़ेंगे। इस सीट पर वर्तमान में होरेन सिंग बे सांसद हैं। बिजुली कलिता मेधी गुवाहाटी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी जो अभी रानी ओझा के पास है। रंजीत दत्ता तेजपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जिस पर 2019 में पल्लब लोचन दास ने जीत दर्ज की थी। भाजपा ने मौजूदा सांसद रामेश्वर तेली को हटाकर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को डिब्रूगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है।

BJP

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झारखंड

झारखंड की 14 में से 11 सीट पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए हैं। मनीष जयसवाल को हज़ारीबाग़ सीट से मैदान में उतारा है, जो फिलहाल पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा के पास है। लोहरदगा (एसटी) सीट पर तीन बार के सांसद सुदर्शन भगत की जगह समीर ओरांव को टिकट दिया गया है।

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची में, भाजपा ने सात मौजूदा सांसदों की जगह नए चेहरों को शामिल किया है। पार्टी ने ग्वालियर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद विवेक नारायण शेजवलकर की जगह भरत सिंह कुशवाह को उम्मीदवार बनाया है। गुना से मौजूदा सांसद कृष्णपाल सिंह यादव को हटाकर इस सीट से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को मैदान में उतारा गया है। भाजपा उम्मीदवार लता वानखेड़े सागर लोकसभा सीट से मैदान में उतरेंगी, जो वर्तमान में राजबहादुर सिंह के पास है। वीरेंद्र खटीक टीकमगढ़ (सुरक्षित) सीट से चुनाव लड़ेंगे। भाजपा ने विदिशा से सांसद रमाकांत भार्गव को हटाकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। आलोक शर्मा भोपाल सीट से उम्मीदवार होंगे, जिस पर वर्तमान में साध्वी प्रज्ञा सिंह पार्टी सांसद है। रतलाम सीट से पार्टी उम्मीदवार अनीता नागर सिंह चौहान चुनाव लड़ेंगी। इस सीट पर वर्तमान में गुमान सिंह डामोर भाजपा सांसद हैं।

त्रिपुरा

पार्टी ने त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को त्रिपुरा पश्चिम सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है, जो वर्तमान में पार्टी सांसद प्रतिमा भौमिक के पास है।

पश्चिम बंगाल

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वारा (सुरक्षित) सीट से मनोज तिग्गा को मैदान में उतारा है जहां से जॉन बारला मौजूदा सांसद हैं।

BJP

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सोशल इंजीनियरिंग का भी रखा ध्यान

भाजपा ने अपनी पहली सूची में सोशल इंजीनियरिंग का पूरा ख्याल रखा है। पार्टी ने सबसे ज्यादा 57 टिकट ओबीसी को दिया है। वहीं पहली लिस्ट में एससी और एसटी के अलावा युवाओं एवं महिलाओं का भी ध्यान रखा है। 195 उम्मीदवारों की पहली सूची में 28 महिलाओं, पचास वर्ष से कम उम्र के 47 युवाओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति के 27, अनुसूचित जनजाति के 18 और ओबीसी समुदाय के 57 लोगों को उम्मीदवार बनाया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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