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Bihar Elections: पवन सिंह पर खेसारी लाल यादव का पलटवार, बोले- 'कम से कम एक बीवी के साथ तो रहता हूं', पढ़ें- पूरा मामला

खेसारी लाल यादव ने पवन सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि कम से कम वह एक बीवी के साथ तो हैं। बिहार में गुरुवार को पहले चरण के चुनाव होने हैं और हर पार्टी जनता को लुभाने की कोशिश में है। इस बीच बिहार की राजनीति में जुबानी झगड़े भी आम हो चले हैं।

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खेसारी लाल यादव हुए पवन सिंह पर गुस्सा (ANI)

Khesari Lal Yadav News: बिहार में गुरुवार को पहले चरण के चुनाव होने हैं और हर पार्टी जनता को लुभाने की कोशिश में है। इस बीच बिहार की राजनीति में जुबानी झगड़े भी आम हो चले हैं। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अन्य पार्टियों के बड़े-बड़े चुनावी मैदान से एक दूसरे के प्रति आग उगल रहे हैं। दूसरी ओर सिंगर-अभिनेता और भाजपा नेता पवन सिंह की राजद नेता खेसारी लाल यादव से नहीं बन रही है।

'मेरे आर्दश, लेकिन भगवान नहीं'

अब जहां खेसारी लाल यादव ने पवन सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि कम से कम वह एक बीवी के साथ तो हैं। खेसारी लाल यादव ने कहा, '...वह मेरे बड़े भाई हैं...मेरे बारे में, उन्होंने हाल ही में कहा, 'मैं एक पानी पे नहीं रहता', देखा जाए तो मैं कहूंगा कि मैं पवन भैया और दिनेश भैया की वजह से यहां हूं। अगर मैंने उन्हें अपना आदर्श बना लिया है, तो इससे वे मेरे 'कर्मदाता' या मेरे भगवान नहीं बन जाते।'

'कम से कम एक बीवी के साथ...'

खेसारी लाल ने पवन सिंह से कहा, 'आप बड़े भाई हैं, लेकिन यह आपके कर्म हैं जो आपको बड़ा बनाते हैं। मैं व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करता। वह कहते हैं, 'मैं एक पानी पे नहीं रहता', मैं इसका जवाब कैसे दूं? इसलिए, मैंने उनसे कहा 'कम से कम एक बीवी के साथ तो रहता हूं'। मैं अपने संबंधों को बहुत महत्व देता हूं..'

जंगलराज पर बात

पवन सिंह ने इससे पहले खेसारी पर निशाना साधते हुए कहा, 'आपको 15 साल पहले का बिहार और अब का बिहार देखना चाहिए। फर्क है या नहीं? आपको विकास क्या होता है, ये जरूर समझ आ जाएगा।' यह बात खेसारी के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल की तुलना लालू यादव के शासनकाल से की थी और कहा था कि लालू का जंगल राज बेहतर था क्योंकि लोग कम से कम पैसे देकर तो जिंदा रहते थे।

खेसारी ने कहा, 'लालू का जंगल राज तो बेहतर था। लोग कम से कम पैसे देकर गुजारा तो करते थे। आज इंसानी जान की कोई कीमत नहीं है। कोई नेता गलत नहीं, लोग गलत हैं। बात हत्या या अपहरण की नहीं, बल्कि रोजगार की है। अगर हमें रोजगार नहीं मिला, तो हम मरते दम तक रोजी-रोटी की तलाश में भटकते रहेंगे।' 'हमें पर्याप्त रोजगार दे दो, तो हमें हत्या या फिरौती मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बता दें कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आठ सीटों के लिए उपचुनाव 11 नवंबर को होंगे। दोनों के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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