Bihar Chunav Counting: बिहार विधानसभा चुनाव में डाले गए मतों की शुक्रवार को होने वाली गणना के लिए राज्य के 38 जिलों में स्थित 46 केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि मतगणना की व्यवस्था के मद्देनज़र शुक्रवार को पटना के सभी स्कूल बंद रहेंगे। बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए छह और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए चुनाव में 67.13 प्रतिशत का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया।
निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा, “243 विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना की पूरी व्यवस्था कर दी गई है। मतगणना 243 रिटर्निंग अधिकारियों की देखरेख में, उनके साथ तैनात 243 पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में और उम्मीदवारों अथवा उनके एजेंटों की मौजूदगी में कराई जाएगी।”
कब शुरू होगी मतगणना
इसने कहा, “कुल 4,372 मतगणना टेबल लगाए गए हैं, प्रत्येक पर एक सुपरवाइजर, एक गणना सहायक और एक सूक्ष्म पर्यवेक्षक तैनात रहेगा। उम्मीदवारों द्वारा नियुक्त 18,000 से अधिक गणना एजेंट भी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।” मतगणना शुक्रवार सुबह आठ बजे शुरू होगी।
महिलाओं की वोटिंग रही 71.78 प्रतिशत
बिहार विधानसभा चुनाव ऐतिहासिक रूप से अब तक के सबसे ज़्यादा 67.13 फीसदी मतदान (voter turnout) के साथ 11 नवंबर को संपन्न हुआ। यह वर्ष 1951 के बाद से इस राज्य में दर्ज किया गया अब तक का सर्वाधिक मतदान है। पुरुष मतदाताओं में मतदान 62.98 फीसदी और महिला मतदाताओं में मतदान 71.78 फीसदी रहा। बता दें कि छह और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए चुनाव में 7.45 करोड़ मतदाताओं ने 2,616 उम्मीदवारों का भाग्य तय किया था।
EVM की गिनती 8:30 पर होगी शुरू
बयान में कहा गया, “निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, सबसे पहले डाक मतपत्रों की गणना शुरू होगी, जबकि ईवीएम की गिनती सुबह 8.30 बजे आरंभ की जाएगी,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और बिहार पुलिस के पर्याप्त जवानों की तैनाती पूरे राज्य में की गई है, ताकि मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।” उन्होंने बताया कि राज्य के बाहर से भेजी गई 106 कंपनियां भी सुरक्षा ड्यूटी में लगाई गई हैं।
एक चुनाव अधिकारी ने कहा कि मतदान में उपयोग किए गए ईवीएम और वीवीपैट को दोहरी लॉक व्यवस्था वाले स्ट्रांग रूम में सील कर सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा, “मतगणना केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। अंदरूनी सुरक्षा घेरा सीएपीएफ के हवाले है, जबकि बाहरी परिधि की सुरक्षा राज्य पुलिस के जिम्मे है। इसके अलावा 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और अन्य सुरक्षा उपाय भी लागू किए गए हैं।”
