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UPSC प्रीलिम्स ने उड़ाए अभ्यर्थियों के होश, सीनियर IAS ने बताया कैसे क्रैक होगी सिविल सेवा परीक्षा

UPSC प्रीलिम्स के बाद IAS अवनीश शरण ने प्रश्नपत्र को देखते हुए कहा कि अब परीक्षा कोचिंग सेंटर के नोट्स से पास नहीं की जा सकती है। उन्होंने छात्रों के लिए कुछ टिप्स शेयर की है।

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IAS Awanish sharan Explains How to Crack UPSC: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को संपन्न हो गई है। इस परीक्षा के बाद छत्तीसगढ़ कैडर के प्रसिद्ध IAS अधिकारी अवनीश शरण (IAS Awanish Sharan) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद महत्वपूर्ण और आंखें खोलने वाला पोस्ट साझा किया है। इस पोस्ट में उन्होंने इस साल के प्रश्नपत्र का विश्लेषण करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि अब सिर्फ कोचिंग संस्थानों के बने-बनाए नोट्स रटकर देश की इस सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा को पास करना लगभग असंभव हो चुका है। अब परीक्षा पास करने के लिए गहरी समझ की आवश्यकता है। बता दें कि परीक्षा देने के बाद कुछ छात्रों ने बताया कि इस साल (2026) परीक्षा का स्तर बहुत अधिक कठिन था। एक्सपर्ट्स का भी यही कहना है कि बीते 3 सालों में सबसे लंबा और चौकाने वाला प्रश्नपत्र था।

UPSC अब तथ्यों को रटना नहीं बल्कि गहरी समझ

आईएएस अवनीश शरण के मुताबिक, इस बार के पेपर ने एक बात पूरी तरह स्पष्ट कर दी है कि यूपीएससी अब केवल यह नहीं देख रही कि आपको कितने फैक्ट्स याद हैं। इसके बजाय, परीक्षा में अभ्यर्थी की क्षमताओं को परखा जा रहा है। यूपीएससी अब छात्रों की विश्लेषण क्षमता (Analytical Skill), इंटरलिंकिंग (Interlinking), संतुलित सोच (Balanced Thinking) को परख रहा है।

इंफॉर्मेशन ओवरलोड करने की बजाए कॉन्सेप्ट करें क्लियर

आईएएस अवनीश शरण ने बताया कि आजकल इंटरनेट और कोचिंग सेंटर के कारण छात्रों के पास 'इंफॉर्मेशन ओवरलोड' यानी पढ़ाई की सामग्री की भरमार हो गई है। छात्र हर तरफ से केवल नोट्स और पीडीएफ इकट्ठा करने में लगे रहते हैं। अवनीश शरण ने संकेत दिया है कि यूपीएससी को अत्यधिक जानकारी नहीं, बल्कि 'कॉन्सेप्ट की स्पष्टता और ज्ञान का सही इस्तेमाल' (Clarity of concepts + Application of knowledge) चाहिए। जो अभ्यर्थी केवल रेडीमेड नोट्स पर निर्भर हैं, उन्हें मुख्य परीक्षा और प्रीलिम्स के एनालिटिकल सवालों में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।

तैयारी के लिए अपनाएं ये 6 ऑथेंटिक सोर्स

आईएएस अधिकारी ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सलाह दी है (UPSC Exam Tips) कि वे अपने स्टडी मटेरियल को सीमित रखें, लेकिन उन्हें गहराई से पढ़ें। उन्होंने बेहतर तैयारी के लिए कुछ बेहद जरूरी और सोर्स सुझाए हैं -

NCERT बुक्स - कक्षा 6 से 12 तक की एनसीईआरटी किताबों से अपना बेसिक मजबूत करें।

PIB डेली - भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की वेबसाइट, सरकारी नोटिफिकेशन और सर्कुलर्स।

सरकारी पत्रिकाएं - योजना और कुरुक्षेत्र जैसी विश्वसनीय मैगजीन्स।

अखबार के एडिटोरियल - 'The Hindu' या 'Indian Express' के संपादकीय पन्ने नियमित पढ़ें।

आर्थिक आंकड़े - केंद्रीय बजट और इकोनॉमिक सर्वे की गहरी समझ विकसित करें।

इंडिया ईयर बुक - भारत सरकार के प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथों का अध्ययन करें।

कटऑफ को लेकर न हों परेशान, मुख्य परीक्षा में जुटे

तैयारी का प्लान बताने के साथ ही उन्होंने छात्रों का हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र का कठिन या आसान होना अंतिम परिणाम को बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं करता। अगर सवाल आसान होंगे तो कटऑफ ऊपर जाता है। इस बार का प्रश्नपत्र मुश्किल और अनप्रिडिक्टेबल था, इसलिए स्वाभाविक रूप से इस बार कट ऑफ काफी कम जाएगा। अंत में उन्होंने अभ्यर्थियों को बिना समय गंवाए मुख्य परीक्षा की तैयारी शुरू करने की सलाह देते हुए अपनी शुभकामनाएं दीं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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