उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक (स्नातक वेतनक्रम) भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों की टीजीटी भर्ती की संशोधित अर्हता जारी कर दी है। साथ ही आयोग को इसके अनुसार आगे की विज्ञप्ति में शामिल करने को कहा है। हालांकि इसमें अभ्यर्थियों के लिए अगले वर्ष 30 जून तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने का वैध प्रमाणपत्र हासिल करने की छूट होगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. अशोक कुमार कन्नौजिया की ओर से जारी संशोधित अर्हता के अनुसार सहायक अध्यापक भर्ती में संबंधित विषय में मान्यता प्राप्त विवि व संस्थान से न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ स्नातक या 45 फीसदी अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन जरूरी होगा। एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में बीएड जरूरी होगा। वहीं, प्रदेश या केंद्र सरकार द्वारा उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ के लिए आयोजित) पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किया गया है।
पहली बार टीईटी लागू
इसी क्रम में शासन ने उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव को पत्र भेजकर कहा है कि सहायक अध्यापक (स्नातक वेतनक्रम) टीजीटी पद की अर्हता में टीईटी को पहली बार लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसलिए आगामी विज्ञप्ति में अभ्यर्थियों को यह छूट दी जाए कि अभ्यर्थी के पास 30 जून 2027 तक टीईटी पास करने का वैध प्रमाण पत्र हो।
विभाग ने किया साफ
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भर्ती विज्ञापन में यह शर्त भी शामिल करने को कहा है कि चयन सूची में नाम आने या चयनित घोषित होने मात्र से अभ्यर्थी को नियुक्ति का अधिकार नहीं मिल जाएगा। भर्ती का नियुक्ति पत्र तभी जारी किया जाएगा, जब अभ्यर्थी अन्य निर्धारित अर्हताएं पूरी करेगा और उसके प्रमाणपत्रों व दस्तावेजों का सत्यापन हो जाएगा। इससे साफ हो गया है कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पदों पर होने वाली आगामी भर्ती में पहली बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता लागू होगी।
