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यूपी SI भर्ती मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, अभ्यर्थियों का दावा- फाइनल आंसर की में जवाब बदले

UP Police SI Recruitment: इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को यूपी SI भर्ती के नियुक्ति पत्र मामले में सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने नियुक्ति पर रोक लगाते हुए 5 अक्टूबर को सुनवाई का आदेश दिया था।

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यूपी SI भर्ती नियुक्ति मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई

UP Police SI Recruitment: इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को यूपी SI भर्ती के नियुक्ति पत्र मामले में आज यानी 5 अक्टूबर को सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने नियुक्ति पर रोक लगाते हुए 5 अक्टूबर को सुनवाई का आदेश दिया था। फाइनल आंसर-की में जवाब बदलने को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से नियुक्ति पत्र वितरण की तैयारी चल रही थी। इसी बीच हाईकोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है।

बता दें कि यूपी पुलिस एसआई लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो-दो पालियों में आयोजित की गई थह। इसमें करीब 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई को जारी किया गया, जिसमें 12,733 अभ्यर्थियों को अगले चरण की प्रक्रिया के लिए सफल घोषित किया गया। इसके बाद भर्ती का अंतिम परिणाम 14 जुलाई को जारी किया गया।

प्रोविजनल और फाइनल उत्तर कुंजी में बदले गए जवाब

भर्ती बोर्ड ने 23 मार्च को प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी की थी। इसके बाद 7 मई को लिखित परीक्षा का परिणाम जारी करते समय फाइनल उत्तर कुंजी भी जारी की गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि फाइनल उत्तर कुंजी में कई प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए। चूंकि प्रत्येक प्रश्न 2.5 अंक का था, इसलिए उत्तर बदलने से कुछ अभ्यर्थी कुछ अंकों के अंतर से सफल या असफल हो गए। अभ्यर्थियों की ओर से कहा गया कि उत्तर कुंजी में किए गए बदलाव को लेकर उन्होंने भर्ती बोर्ड के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन इन आपत्तियों पर विचार नहीं किया गया।

क्या है मामला

मामले की सुनवाई करते हुए एक अक्टूबर को सुनवाई कर हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत बोर्ड की ओर से विज्ञापित यूपी सब इंस्पेक्टर भर्ती 2025 के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी थी। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के बाद अगली प्रक्रिया के लिए सफल भी हुए, लेकिन 14 जुलाई को जारी अंतिम परिणाम में एक-दो अंक के अंतर से बाहर हो गए। इसके बाद अभ्यर्थियों ने बदले गए उत्तरों और आपत्तियों पर विचार नहीं किए जाने को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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