CM योगी का बड़ा फैसला, असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने का आदेश, फर्जी प्रश्नपत्र बनाने वाले 3 गिरफ्तार
- Authored by: कुलदीप राघव
- Updated Jan 7, 2026, 05:45 PM IST
UP govt Orders to cancel the Assistant Professor Recruitment exam 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में आयोजित सहायक आचार्य परीक्षा को निरस्त करने का आदेश दिया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मामले की गोपनीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने का आदेश
UP govt Orders to cancel the Assistant Professor Recruitment exam 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में आयोजित सहायक आचार्य परीक्षा को निरस्त करने का आदेश दिया है। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मामले की गोपनीय जांच के आदेश दिए गए। साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देशित किया है कि उपरोक्त परीक्षा का आयोजन शीघ्रातिशीघ्र, पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। जल्द ही आयोग के द्वारा परीक्षा की नई तिथि और प्रक्रिया की जानकारी साझा की जाएगी।
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने नकल माफियाओं के विरुद्ध अभिसूचना संकलन करते हुए STF को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या-51 के अंतर्गत असिस्टेंट प्रोफेसर पद हेतु अप्रैल 2025 में आयोजित परीक्षा के संबंध में अनियमितताओं/धांधली एवं अवैध धन वसूली से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त हुईं। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मामले की गोपनीय जांच के आदेश दिए गए थे। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्यवाही करते हुए एस०टी०एफ० ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गैंग के तीन अभियुक्तों- महबूब अली, बैजनाथ पाल एवं विनय पाल-को परीक्षा में धांधली एवं अवैध धन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
जांच की निष्पक्षता एवं गोपनीयता सुनिश्चित रखने के उद्देश्य से तत्कालीन आयोग की अध्यक्ष से त्यागपत्र लिया गया था चूंकि अभियुक्त महबूब अली निवर्तमान आयोग की अध्यक्ष का गोपनीय सहायक था। पूछताछ के दौरान अभियुक्त महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसके द्वारा मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान ही विभिन्न विषयों के प्रश्न पत्र निकाल लिए गए थे, जिन्हें उसने कई अभ्यर्थियों को विभिन्न माध्यमों से धन लेकर उपलब्ध कराया। अभियुक्त महबूब अली की स्वीकारोक्ति की एसटीएफ द्वारा गहन विवेचना एवं डेटा एनालिसिस से पुष्टि हुई है।
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उक्त परीक्षा को निरस्त किए जाने के आदेश दिये गए हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देशित किया है कि उपरोक्त परीक्षा का आयोजन शीघ्रातिशीघ्र, पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।