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Swami Vivekananda Jayanti Speech: स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर सबसे सरल व दमदार भाषण, लोग हो उठेंगे आपके मुरीद

Swami Vivekananda Jayanti Speech, Bhashan In Hindi (स्वामी विवेकानंद भाषण हिंदी में): हर साल 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जन्म जयंती मनाई (Swami Vivekananda Jayanti Speech In Hindi) जाती है। इस बार भारत देश स्वामी विवेकानंद की 163वीं जन्म जयंती मनाने जा रहा है। इस दिन स्कूल, कॉलेज से लेकर अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। ऐसे में यहां हम आपके लिए स्वामी विवेकानंद जयंती पर भाषण, नेशनल यूथ डे स्पीच, राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण, स्वामी विवेकानंद स्पीच लेकर आए हैं।

Swami Vivekananda Jayanti Speech, Bhashan In Hindi.

Swami Vivekananda Jayanti Speech In Hindi: स्वामी विवेकानंद की जयंती पर सबसे सरल व शानदार भाषण

Swami Vivekananda Jayanti Speech, Bhashan In Hindi (स्वामी विवेकानंद भाषण हिंदी में): उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये....भारत के महान संत, दार्शनिक, विचारक और राष्ट्रप्रेरक स्वामी विवेकानंद जी से तो आप सभी लोग (Swami Vivekananda Jayanti Speech) परिचित होंगे। वह ना केवल एक संन्यासी थे बल्कि उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण (Swami Vivekananda Jayanti Speech In Hindi) भूमिका निभाई। उन्होंने भारत को विश्वगुरु के रूप में एक नई (National Youth Day Speech) पहचान दिलाई। स्वामी जी का विश्वास कर्म, आत्मविश्वास और सेवा में था। उनका मानना था कि मनुष्य में असीम शक्ति निहित है, बस उसे पहचानने की (Swami Vivekananda Jayanti Par Bhashan) आवश्यकता है।

बता दें स्वामी जी का जन्म ब्रिटिश शासनकाल के दौरान 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ, उनका पूरा नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त एक प्रतिष्ठित वकील थे और माता भुवनेश्वरी देवी धार्मिक प्रवृत्ति की थी। बचपन से ही स्वामी जी तीव्र बुद्धि, साहसी स्वभाव और सत्य को जानने की प्रबल जिज्ञासा रखते थे। इस वर्ष भारत देश स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जन्म जयंती मनाने जा रहे हैं। इस दिन स्कूल व अन्य शैक्षणिक संस्थानों से लेकर सरकारी कार्यालयों व अन्य सामाजिक स्थलों पर धूमधाम के साथ स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में यहां हम आपके लिए स्वामी विवेकानंद जयंती पर भाषण लेकर आए हैं। इस तरह भाषण देकर आप लोगों को अपना मुरीद बना सकते हैं।

Swami Vivekananda Jayanti Speech In Hindi

यदि आप भी स्वामी विवेकानंद की जयंती पर भाषण देने जा रहे हैं, तो अपने भाषण की शुरुआत स्वामी जी के किसी शानदार कोट्स के साथ करें। साथ ही ध्यान रहे भाषण के दौरान आपके चेहरे पर एक जोश होना चाहिए। इस तरह भाषण देकर आप लोगों का दिल जीत सकते हैं।

Swami Vivekananda Jayanti Quotes In Hindi

स्वामी विवेकानंद के इस कोट्स के साथ करें भाषण की शुरुआत

  • ब्रह्मांड की सभी शक्तियां हमारे अंदर हैं। यह हम ही हैं जिन्होंने अपनी आंखों के सामने हाथ रखा है और रोते हुए कहा कि अंधेरा है।
  • जब तक जीना, तब तक सीखना। अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है।
  • जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
  • एक समय में एक काम करो, ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकि सबकुछ भूल जाओ।

Swami Vivekananda Jayanti Speech In Hindi: स्वामी विवेकानंद जयंती पर सबसे सरल व शानदार भाषण

माननीय प्राधानाचार्य जी, उप प्राधानाचार्य जी, अतिथिगण, आदरणीय शिक्षकगण व मेरे प्रिय साथियों आज हम सभी यहां भारत के महान संत, विचारक, दार्शनिक और राष्ट्रनिर्माता स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। यह दिन केवल एक महापुरुष का जन्मदिन नहीं है बल्कि यह दिन हमें आत्मबल, राष्ट्रप्रेम और मानव सेवा का संदेश देता है। स्वामी विवेकानंद एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने पश्चिमी देशों के बड़े-बड़े विद्वानों को बौना साबित कर भारत को विश्वगुरु के रूप में एक नई पहचान दिलाई।

National Youth Day Speech In Hindi

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उनका बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। स्वामी जी बचपन से ही तीव्र बुद्धि, साहसी स्वभाव और सत्य को जानने की प्रबल जिज्ञासा रखते थे। कहा जाता है कि युवावस्था में नरेंद्रनाथ के मन में ईश्वर और जीवन के सत्य को लेकर अनेक प्रश्न उठते रहे। सत्य की खोज उन्हें श्रीरामकृष्ण परमहंस के पास ले गई। प्रारंभ में वे उनके विचारों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे किंतु धीरे धीरे गुरु के सान्निध्य में उन्हें आध्यात्मिक अनुभव हुआ। गुरू के निधन के बाद नरेंद्रनाथ ने संन्यास ग्रहण किया और स्वामी विवेकानंद नाम धारण किया। ध्यान रहे अपने भाषण के दौरान स्वामी विवेकानंद के शिकागो धर्म संसद के भाषण के उल्लेख जरूर करें। बिना इसके आपका भाषण अधूरा माना जाएगी। विवेकानंद जी ने 1893 में अमेरिका के शिकागो धर्म संसद में भारत का प्रतिनिधित्व कर पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति और दर्शन की महानता से परिचित कराया। उनके ऐतिहासिक शब्द मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया था।

इस तरह आप एक बार फिर स्वानमी विवेकानंद जी के भाषण के साथ अपने स्पीच की समाप्ति कर सकते हैं। यहां आप स्वामी विवेकानंद जयंती पर भाषण, नेशनल यूथ डे स्पीच, राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण, स्वामी विवेकानंद स्पीच पढ़ सकते हैं।

आदित्य सिंह
आदित्य सिंह author

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्र... और देखें

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