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देश का सबसे सस्ता इंजीनियरिंग कॉलेज, 25 हजार रुपये से कम में कराता है B.tech

Sabse Sasta Engineering College: अगर आप भी ऐसे कॉलेज की तलाश में हैं, जहां पढ़ाई का स्तर ऊंचा हो, प्लेसमेंट शानदार हो और फीस जेब पर भारी न पड़े, तो देश के सबसे सस्ते और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

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देश का सबसे सस्ता इंजीनियरिंग कॉलेज

120 Year old Cheapest Engineering college Jadavpur University btech fees: देशभर के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो चुके हैं और अब लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक लेने की तैयारी कर रहे हैं। खासतौर पर इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्र JEE Main और JEE Advanced जैसी परीक्षाओं के बाद कॉलेज चयन की प्रक्रिया में जुटे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कौन सा कॉलेज बेहतर शिक्षा, अच्छी प्लेसमेंट और कम फीस का बेहतरीन संयोजन देता है। अगर आप भी ऐसे कॉलेज की तलाश में हैं, जहां पढ़ाई का स्तर ऊंचा हो, प्लेसमेंट शानदार हो और फीस जेब पर भारी न पड़े, तो देश के सबसे सस्ते और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

25 हजार रुपये से भी कम में B. Tech

आज देश के कई निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक की फीस सालाना 1 लाख से 5 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। वहीं कुछ प्राइवेट विश्वविद्यालयों में चार साल की पढ़ाई का खर्च 10 से 20 लाख रुपये तक हो जाता है। ऐसे दौर में जादवपुर विश्वविद्यालय बेहद कम फीस में उच्च गुणवत्ता वाली इंजीनियरिंग शिक्षा प्रदान करता है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, अधिकांश बीटेक पाठ्यक्रमों की वार्षिक फीस करीब 5,710 रुपये है। वहीं सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के कुछ विशेष कोर्सों की फीस लगभग 24,860 रुपये से 30,860 रुपये के बीच है। यही वजह है कि इसे देश के सबसे किफायती इंजीनियरिंग कॉलेजों में गिना जाता है।

जादवपुर यूनिवर्सिटी

जादवपुर यूनिवर्सिटी

पढ़ाई और रिसर्च दोनों में मजबूत

जादवपुर विश्वविद्यालय केवल कम फीस के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता भी देशभर में सम्मानित मानी जाती है। यहां इंजीनियरिंग, विज्ञान, कला, प्रबंधन और अन्य विषयों में उच्च शिक्षा प्रदान की जाती है। विश्वविद्यालय में रिसर्च और इनोवेशन पर भी विशेष जोर दिया जाता है। यही कारण है कि यहां के छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाते हैं।

प्लेसमेंट भी शानदार

कम फीस का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि यहां करियर के अवसर सीमित हैं। जादवपुर विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग छात्रों को देश की कई बड़ी कंपनियां नौकरी के अवसर प्रदान करती हैं। आईटी, सॉफ्टवेयर, कोर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और कंसल्टिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट में हिस्सा लेती हैं। हर साल बड़ी संख्या में छात्र आकर्षक पैकेज के साथ नौकरी हासिल करते हैं। यही वजह है कि जादवपुर विश्वविद्यालय को "कम फीस, उच्च गुणवत्ता और बेहतर प्लेसमेंट" का आदर्श उदाहरण माना जाता है।

जादवपुर यूनिवर्सिटी

जादवपुर यूनिवर्सिटी

120 साल से ज्यादा पुराना इतिहास

जादवपुर विश्वविद्यालय का इतिहास भारतीय तकनीकी शिक्षा के विकास से जुड़ा हुआ है। इसकी शुरुआत वर्ष 1905 में बंगाल टेक्निकल इंस्टीट्यूट के रूप में हुई थी। उस समय देश में स्वदेशी आंदोलन जोर पकड़ रहा था और भारतीय युवाओं को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। बाद में इस संस्थान का विस्तार हुआ और 24 दिसंबर 1955 को पश्चिम बंगाल विधानसभा के एक अधिनियम के तहत इसे आधिकारिक रूप से जादवपुर विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया। आज यह देश के सबसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में शामिल है।

क्यों है छात्रों की पहली पसंद?

कम फीस, उत्कृष्ट फैकल्टी, मजबूत शैक्षणिक वातावरण, बेहतरीन प्लेसमेंट और लंबी विरासत—ये सभी कारण जादवपुर विश्वविद्यालय को इंजीनियरिंग छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाते हैं। ऐसे समय में जब उच्च शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है, यह विश्वविद्यालय साबित करता है कि गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के लिए हमेशा भारी-भरकम फीस चुकाना जरूरी नहीं होता। इसी वजह से जादवपुर विश्वविद्यालय को देश के सबसे किफायती और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में गिना जाता है और हर साल हजारों छात्र यहां प्रवेश पाने का सपना देखते हैं।

NIRF रैंकिंग में भी शानदार प्रदर्शन

राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) की रैंकिंग में भी जादवपुर विश्वविद्यालय लगातार अच्छा प्रदर्शन करता रहा है। NIRF 2023 के अनुसार, विश्वविद्यालय को इंजीनियरिंग श्रेणी में 10वां स्थान, फार्मेसी में 18वां स्थान, विश्वविद्यालय श्रेणी में चौथा स्थान और ओवरऑल कैटेगरी में 13वां स्थान मिला था।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघव author

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर... और देखें

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